बांसी। जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर ने परिषदीय विद्यालय की किताबें कबाड़ी को बेचने के मामले में शुक्रवार को हुई बीईओ बांसी की गिरफ्तारी को नियम विरुद्ध बताते हुए प्रभारी निरीक्षक और सीओ बांसी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए एसपी को पत्र लिखा है। इस मामले को संज्ञान में लाने के लिए बीएसए ने जिलाधिकारी को पत्र लिखा था।
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बीएसए ने डीएम लिखे पत्र में कहा था कि पुस्तकें कबाड़ी को बेचने के आरोप में बीईओ कार्यालय के अनुचर सहाबुद्दीन और रामजस के विरुद्ध पुलिस ने बिना विभागीय जांच प्राथमिकी दर्ज की थी। इस प्राथमिकी में बीईओ अखिलेश कुमार सिंह का नाम नहीं था। सिर्फ अनुचरों के बयान को आधार बनाकर अखिलेश कुमार सिंह के नाम को प्रकाश में लाकर गिरफ्तारी की गई है। उन्होंने मुख्य सचिव के शासनादेश का हवाला देते हुए कहा है कि यदि किसी अधिकारी और कर्मचारी द्वारा बरती अनियमितता प्रकाश में आती है तो उसके विरुद्ध जांच के बाद अनुशासनिक विभागीय कार्रवाई की जानी चाहिए।
बीएसए ने कहा है कि विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई में यदि यह पाया जाता है कि उसकी कोई आपराधिक भूमिका है तो उसके विरुद्ध पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराए जाने पर विचार किया जाता है। अन्यथा विभागीय कार्रवाई में जांच अधिकारी की रिपोर्ट पर दंड दिए जाते हैं। बीएसए ने कहा है कि प्रभारी निरीक्षक और सीओ बांसी ने शासनादेश का पालन नहीं किया। उन्होंने डीएम से प्रभारी निरीक्षक और सीओ बांसी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की। बीएसए की शिकायत के आधार पर डीएम ने एसपी को पत्र लिखा है।
बीईओ की गिरफ्तारी के मामले में शासनादेश का उल्लंघन किया गया है। किसी आपराधिक मामले में विभागीय जांच में दोष साबित होने पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। इस मामले में बांसी के सीओ और कोतवाल के खिलाफ कार्रवाई के लिए एसपी को पत्र लिखा गया है।
-डॉ. राजा गणपति आर, जिलाधिकारी