लखनऊ। प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों में सैकड़ों शिक्षक दो साल से पदोन्नति का इंतजार कर रहे हैं। नियमानुसार 50 प्रतिशत सीट पदोन्नति से भरी जाती हैं लेकिन माध्यमिक शिक्षा विभाग की उदासीनता के चलते पदोन्नति की प्रक्रिया नहीं पूरी की जा रही माध्यमिक शिक्षा विभाग की है। इससे शिक्षकों में नाराजगी बढ़ रही है। शिक्षक संघ (पांडेय गुट) ने इस मामले में मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप करने की मांग की है। कहा कि उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा आयोग के गठन के बाद से ही इस अधिनियम में कोई व्यवस्था न होने का खामियाजा शिक्षक व कार्यवाहक संस्था प्रधानों को भुगतना पड़ रहा है। संघ के वरिष्ठ शिक्षक नेता ओम प्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि इस मुद्दे पर माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने विधान परिषद में लिखित वक्तव्य दिया था। इसमें 21 नवंबर को माध्यमिक शिक्षा निदेशक से विभागीय प्रस्ताव मांगने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद विभागीय अधिकारियों ने कोई प्रस्ताव नहीं भेजा। जबकि 50 प्रतिशत सीधी भर्ती से और 50 प्रतिशत पदोन्नति कोटे से खाली पदों को भरने का प्रावधान है

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