छात्राएं आधुनिक विधा में होंगी दक्ष, आधुनिक तकनीक से पढ़ाई भी
लखनऊ। प्रदेश के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) की छात्राएं भी अब आधुनिक विधा रोबोटिक्स, थ्रीडी प्रिंटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस आदि का प्रैक्टिकल ज्ञान लेंगी। इसके लिए पहले चरण में 171 कस्तूरबा विद्यालयों में अटल टिंकरिंग लैब की स्थापना की जाएगी। वहीं सभी केजीबीवी में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी की भी सुविधा दी जाएगी।

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प्रदेश में बेसिक-माध्यमिक विद्यालयों के साथ-साथ केजीबीवी को भी आधुनिक संसाधनों व सुविधाओं से युक्त किया जा रहा है। इसके तहत वहां पर अन्य
171 विद्यालयों में 17 करोड़ से बनेंगी अटल टिंकरिंग लैब
सुविधाओं के साथ-साथ अब अटल टिंकरिंग लैब भी स्थापित की जाएगी। समग्र शिक्षा में पहले चरण में 171 कस्तूरबा विद्यालयों के लिए 17 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
इससे कक्षा नौ से 12वीं तक की छात्राएं आधुनिक माध्यमों से पठन-पाठन व प्रशिक्षण लेंगी। हाल ही में केंद्रीय बजट में पांच साल में सरकारी स्कूलों में 50 हजार अटल टिंकरिंग लैब स्थापित करने की भी घोषणा की गई है। इसमें भी प्रदेश के बचे हुए कस्तूरबा विद्यालयों को
शामिल करने का प्रयास किया जाएगा। समग्र शिक्षा के उप निदेशक डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि इसके साथ ही सभी 746 केजीबीवी में ब्रॉडबैंड व इंटरनेट सुविधा भी दी जाएगी।
इसके लिए प्रति स्कूल 50 हजार कुल 3.73 करोड़ का बजट समग्र शिक्षा से स्वीकृत किया गया है। हमारा लक्ष्य है कि जल्द से जल्द इस व्यवस्था को प्रभावी किया जाए। इसके बाद जहां केजीबीवी के काम को डिजिटल करने में आसानी मिलेगी। वहीं छात्राओं को भी आधुनिक माध्यम से पठन-पाठन की सुविधा मिलेगी। इससे हमारी छात्राएं भी अन्य स्कूलों के बराबर कदमताल करेंगी