उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा लेने के लिए बेटियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। प्रदेश के 7984 महाविद्यालयों में वर्तमान सत्र में छात्रों की तुलना में छात्राओं की संख्या चार लाख से अधिक है। पिछले सत्र से तुलना करें तो परंपरागत पाठ्यक्रमों (बीए, बीएससी, बीकॉम आदि) में छात्रों की तुलना में छात्राओं के दाखिले की संख्या चार गुना से अधिक रही।
उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से विधानसभा में प्रस्तुत कार्यपूर्ति दिग्दर्शक आय-व्ययक रिपोर्ट 2025-26 में ये आंकड़े सामने आए हैं। प्रदेशभर के महाविद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2024-25 में 53,28,969 विद्यार्थियों ने दाखिला लिया था। इसमें 2875211 छात्राएं और 2453758 छात्र हैं। साफ है कि छात्राओं की संख्या छात्रों से 4,21,453 अधिक है।

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इससे पहले 2023-24 सत्र में 5476441 विद्यार्थियों (2668971 छात्र और 2807470 छात्राएं) ने प्रवेश लिया था। यानि पिछले सत्र में छात्रों की तुलना में 1,38,499 अधिक छात्राओं ने दाखिला लिया था। हालांकि चार साल के आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो केवल 2022-23 सत्र में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों में छात्रों की संख्या अधिक थी।
2022-23 सत्र में 4418809 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया था जिनमें 2235114 छात्र और 2183695 छात्राएं थीं। उससे पहले 2021-22 सत्र में भी छात्राओं की संख्या अधिक थी। 2021-22 में प्रवेश लेने वाले 4540605 विद्यार्थियों में 2363138 छात्राएं और 2177467 छात्र थे।
जानकारों की मानें तो मेधावी छात्राओं को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शुरू की जा रही रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना लागू होने के बाद यह संख्या और अधिक बढ़ेगी।
मेडल पाने में भी आगे हैं लड़कियां
उच्च शिक्षा में छात्राओं की संख्या तो बढ़ ही रही है, मेडल पाने में भी ये आगे हैं। राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के सितंबर 2024 में आयोजित दीक्षांत समारोह में कुल 26 मेधावियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए थे जिनमें 16 पदक छात्राओं ने हासिल किए थे। 10 स्वर्ण पदक छात्रों को मिले थे। प्रो. राजेन्द्र सिंह (रज्जू भय्या) राज्य विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में 46 स्वर्ण पदकों में 33 पर बेटियों ने कब्जा जमाया था।
हाईस्कूल में भी छात्राओं की संख्या बढ़ रही
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा में भी बेटियों की संख्या साल-दर-साल बढ़ती ही जा रही है। 2025 की हाईस्कूल परीक्षा के लिए 2741674 परीक्षार्थियों ने पंजीकरण कराया था जिनमें से 1290999 (47.08 प्रतिशत) छात्राएं थी। यह संख्या चार सालों में हाईस्कूल के लिए पंजीकरण कराने वाली छात्राओं में सबसे अधिक रही। 2024 में 46.69 प्रतिशत, 2023 में 45.52 फीसदी जबकि 2022 में 44.18 प्रतिशत छात्राएं थीं।
निश्चित रूप से उच्च शिक्षा में छात्राओं की संख्या छात्रों से अधिक है जो अच्छा संकेत है। रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना लागू होने के बाद इस संख्या में और वृद्धि होने की उम्मीद है।
डॉ. अमित भारद्वाज, उच्च शिक्षा निदेशक