यूपी में प्राइमरी स्कूलों के मर्जर पर सरकार ने बड़ा फैसला किया है। बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा- एक किमी से अधिक दूरी पर किसी भी स्कूल को मर्ज नहीं किया जाएगा। यही नहीं, अगर किसी स्कूल में 50 से अधिक छात्र हैं तो उसे भी मर्ज नहीं किया जाएगा।
सरकार की तैयारी क्या है?
हर जिले में एक मुख्यमंत्री अभ्युदय कंपोजिट विद्यालय (कक्षा 1 से 8 तक) खोला जा रहा है। प्रदेश सरकार की ओर से इन स्कूलों को आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर और शैक्षणिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। हर स्कूल में कम से कम 450 स्टूडेंट के लिए संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
स्कूल बिल्डिंग को 1.42 करोड़ की लागत से अपग्रेड भी किया जा रहा। स्कूलों में स्मार्ट क्लास, टॉयलेट, फर्नीचर, पुस्तकालय, कंप्यूटर रूम, मिड-डे मील किचन, डायनिंग हॉल, सीसीटीवी, वाई-फाई, ओपन जिम और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की जाएगी।
इसी तरह सरकार की ओर से हर जिले में एक मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट स्कूल (कक्षा 1 से 12 तक) की स्थापना की जा रही है। इस पर करीब 30 करोड़ रुपए की लागत आएगी। इन स्कूलों में कम से कम 1500 छात्रों के लिए स्मार्ट क्लास, एडवांस साइंस लैब, डिजिटल लाइब्रेरी, खेल मैदान, कौशल विकास सुविधाओं की स्थापना की जाएगी। कक्षा
शिक्षा मंत्री की बड़ी बातें…
1. एक किलोमीटर से अधिक दूरी और 50 से अधिक छात्र संख्या वाले जो स्कूल मर्ज हुए हैं, उन्हें फिर अनपेयर किया जाएगा। यानी, मर्जर कैंसिल किया जाएगा।
2. सरकार शिक्षा भर्ती के खिलाफ नहीं है। छात्र शिक्षक अनुपात के अनुसार, 50 छात्र संख्या वाले स्कूल में दो सहायक टीचर और एक विषय टीचर नियुक्त किया जाएगा। इस मानक को पूरा करने के लिए आवश्यक हुआ तो शिक्षक भर्ती करेंगे।
3. मर्जर से खाली स्कूल में महिला और बाल कल्याण विभाग के सहयोग से बाल वाटिका चलाई जाएगी। बाल वाटिका में 3 से 6 साल के बच्चे पढ़ेंगे, उनके लिए पाठ्यक्रम तैयार किया है। बाल वाटिका के लिए करीब 18 हजार एजुकेटर्स भी जेम पोर्टल से भर्ती किए।
4. स्कूलों का मर्जर छात्र हित में किया गया, ताकि उन्हें बेहतर शिक्षा और संसाधन मिले। कोई भी स्कूल बंद नहीं होगा और शिक्षक का एक भी पद
यूपी में कम नामांकन वाले सरकारी स्कूलों के विलय को लेकर हो रहे विरोध को देखते हुए आदेश दिया गया है कि एक अब एक किमी से दूरी वाले विद्यालयों को मर्ज नहीं किया जाएगा। वहीं, ऐसे स्कूल जहां पर विद्यार्थियों की संख्या 50 से ज्यादा है उनका भी विलय नहीं किया जाएगा। ये आदेश यूपी के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह ने दिए हैं।

बता दें कि प्रदेश के अलग-अलग जिलों में शिक्षक संघ और अभिभावक प्रदेश सरकार के स्कूलों के विलय के फैसले का विरोध कर रहे हैं। इस दौरान कई ऐसी भी शिकायतें आई हैं जिनमें अभिभावकों ने विलय के बाद नये स्कूल के काफी दूर होने की शिकायत की। इसे देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।