सिगरेट की तरह समोसा-जलेबी भी सेहत के लिए खतरनाक
जागरुकता : स्वास्थ्य मंत्रालय का निर्देश-कैंटीन में बोर्ड लगाकर बताएं समोसे में कितना फैट, जलेबी में शक्कर कितनी
नई दिल्ली। जलेबी और समोसा भी सिगरेट की तरह सेहत को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसे देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने विभिन्न मंत्रालयों की कैंटीनों में चेतावनी के लिए ऑयल और शुगर बोर्ड लगाना अनिवार्य कर दिया है। यानी, उन्हें बताना होगा कि समोसे जैसे तले-भुने खाद्य पदार्थ में कितना तेल व वसा मौजूद है, जलेबी या रसगुल्ले में शक्कर की मात्रा कितनी है। इससे लोगों को पता चलेगा कि वे जो कुछ खा रहे हैं, वह कितना फायदेमंद या नुकसानदायक हो सकता है।
स्वास्थ्य मंत्रालय की सिफारिश पर सरकार ने सभी मंत्रालयों के लिए यह आदेश लागू किया है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने जारी आदेश में कहा कि पीएम नरेंद्र
मोदी ने हाल में मोटापे के खिलाफ जन जागरूकता अभियान की अपील की थी। मोटापा और गैर संचारी रोगों का विस्तार बड़ी समस्या हैं। कैंटीनों में ऑयल और शुगर बोर्ड लगाने का उद्देश्य कार्यस्थलों को स्वास्थ्य जागरूकता का आधार बनाना है। भारत में मोटापे के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। वर्ष 2025 तक अधिक वजन और मोटापे की दर 27% पहुंचने का अनुमान है। 2050 तक यह दर बढ़कर
नागरिकों के बेहतर स्वास्थ्य पर जोर
डिजिटल या स्थैतिक पोस्टर के रूप में ऑयल और शुगर बोर्ड को कैफेटेरिया, मीटिंग रूम, लॉबी जैसे आम स्थानों पर लगाया जाए। सरकारी स्टेशनरी पर नियमित स्वास्थ्य संदेश प्रिंट किए जाएं। दफ्तरों में पौष्टिक भोजन और शारीरिक गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाए, जैसे सीढ़ियों का उपयोग, छोटे वॉक ब्रेक, और मीठे व फैट-युक्त खाद्य पदार्थों की बिक्री में कटौती।
44.9% हो सकती है। बच्चों में खराब खानपान से मोटापा व इससे जुड़ी बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने पत्र में लिखा है कि पीएम मोदी ने मोटापे से निपटने के लिए ईट राइट मूवमेंट और फिट इंडिया जैसे अभियानों के जरिये स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने की अपील की है। इस दिशा में ऑयल और शुगर बोर्ड एक प्रतीकात्मक और व्यावहारिक पहल होगी। ब्यूरो
समोसा, पिज्जा और बर्गर पर प्रतिबंध नहीं
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि इस आदेश के साथ सरकार ने समोसा, पिज्जा, बर्गर, पकौड़े की तस्वीर भी साझा की है, जिसका अर्थ यह नहीं है कि सरकारी दफ्तरों की कैंटीन में इन पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। कैंटीन आने वालों को यह पता होना चाहिए कि इन खाद्य पदार्थों में कितना फैट और तेल मौजूद है।
उदाहरण के तौर पर एक समोसा में 17 ग्राम फैट होता है जबकि एक व्यक्ति को दिनभर में 44 से 78 ग्राम वसा पर्याप्त होता है जो वह सुबह से लेकर रात तक अलग-अलग आहार में लेता है।
एक बर्गर में 31 ग्राम, पिज्जा में 40, फ्रेंच फ्राइज में 17, बड़ा पाव में 10 और पकोड़े में 14 ग्राम वसा होती है। अगर चीनी की बात करें तो गुलाब जामुन में यह 32 ग्राम, बाजार में उपलब्ध जूस में 36, चॉकलेट में 25 और कोल्ड ड्रिंक्स में 32 ग्राम होती है।
पुरुषों को प्रतिदिन 36, महिलाओं को 25 ग्राम से अधिक चीनी नहीं खानी चाहिए।
#AwaazStory | जलेबी, समोसा खाने वाले सावधान !
– सिगरेट जितना हानिकारक है समोसा, जलेबी
– स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी की एडवाइजरी
– सभी सार्वजनिक संस्थानों के बाहर लगाए जाएंगे वॉर्निंग बोर्ड

– देश पर मंडरा रहा है मोटापे का खतरा
– 2050 तक 45 करोड़ लोग मोटापे का होंगे शिकार: स्वास्थ्य मंत्रालय
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