पटना, । शिक्षकों के सभी रिक्त पदों पर नियुक्ति की जाएगी। कोई पद खाली नहीं रहेगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शिक्षा विभाग को चौथे चरण में शिक्षकों के सभी रिक्त पदों की गणना करने और उस पर तत्काल नियुक्ति का निर्देश दिया है।
बुधवार को मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया एक्स पर जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा- कि हमने शिक्षा विभाग को कहा है कि सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की रिक्तियों की गणना तुरंत कर ली जाए। इस पर नियुक्ति के लिए टीआरई-4 की परीक्षा शीघ्र लेने की कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि नियुक्तियों में बिहार की महिलाओं को 35% आरक्षण मिलेगा।

चौथे चरण के लिए रिक्तियों की गणना के बाद रोस्टर क्लियरेंस होगा। फिर बीपीएससी से अधियाचना मिलने के बाद रिक्ति जारी होगी। देखा जाएगा कि पहली से पांचवीं, छठी से आठवीं, 9वीं-10वीं और 11वीं-12वीं के कितने पद खाली हैं। कुल 95 हजार के करीब पद रिक्त होने की संभावना है। शिक्षा विभाग आगे की कार्रवाई में जुट गया है। विभाग के अनुसार, चौथे चरण की नियुक्ति जल्द होगी।
बिहारी महिलाओं को 35% आरक्षण मिलेगा
हजार 289 शिक्षकों 51 की बहाली हुई तीसरे चरण में
तीन चरण में 2.68 लाख हो चुकी है भर्ती
66 हमने शिक्षा विभाग को कहा है कि शिक्षकों की रिक्तियों की गणना तुरंत कर ली जाए। इस पर नियुक्ति के लिए परीक्षा शीघ्र लेने की कार्रवाई की जाए। – नीतीश कुमार, मुख्यमंत्री
पिछले दो वर्षों में बीपीएससी की अनुशंसा पर तीन चरणों में 2 लाख 68 हजार 548 अध्यापकों की बहाली हुई है। पहले चरण में एक लाख 2 हजार 871, दूसरे में 69 हजार 500 और तीसरे में 51 हजार 389 अध्यापकों की बहाली हुई। इस बीच स्थानांतरित शिक्षकों के योगदान के बाद छात्र-शिक्षक अनुपात के आधार पर समीक्षा के निर्देश दिए गए।
शिक्षक और छात्र-छात्राओं के अनुपात में सुधार
बिहार में वर्ष 2015-16 के दौरान प्रारंभिक स्कूलों में पीटीआर प्रति शिक्षक 89 छात्र का अनुपात था। 2020-21 में इसमें सुधार हुआ और कक्षा 1 से 12वीं तक का पीटीआर 47 पर पहुंच गया। इस वर्ष प्राथमिक स्कूल का पीटीआर 57, उच्च प्राथमिक स्कूल में 21, माध्यमिक स्कूल का पीटीआर 52 और उच्च माध्यमिक स्कूलों का पीटीआर 60 था।
राज्य में 28 विद्यार्थियों पर एक शिक्षक
बिहार में 28 छात्र-छात्राओं पर एक शिक्षक हो गए हैं। राष्ट्रीय अनुपात निचली कक्षा में 40 छात्रों पर एक शिक्षक है। उच्च कक्षा में 30 छात्रों पर एक शिक्षक हैं। यह औसत पहली से 12वीं तक का अनुपात है। राष्ट्रीय शिक्षा प्रोजेक्ट की रिपोर्ट के अनुसार, बिहार के सरकारी स्कूलों में 2023-24 में 1 से 5 तक का अनुपात 32. कक्षा 6 से 8 का 19, कक्षा 9-10 का 30 और कक्षा 11 से 12 का 31 है। समेकित रूप से यह प्रति शिक्षक छात्र का अनुपात 28 है।
शिक्षकों की संख्या बढ़ कर हुई 6.60 लाख
राज्य में लगातार शिक्षकों की भर्ती होने से स्थिति सुधरी है। इस वर्ष बीपीएससी से बहाल 1 लाख 20 हजार से अधिक शिक्षकों को सीएम ने नियुक्ति-पत्र दिया था। इससे शिक्षकों की संख्या बढ़कर करीब 6 लाख 60 हजार हो गई है। अब अनुपात में और सुधार होगा।