नई दिल्ली। एक व्यक्ति के एटीएम से धोखाधड़ी से रकम निकालने के मामले में 11 साल बाद भारतीय स्टेट बैंक यानी एसबीआई को हर्जाना देना पड़ा है। एसबीआई के इस ग्राहक के एटीएम से 4 जनवरी, 2014 को तीन बार में 22,000 रुपये की नकदी निकाली गई थी। ग्राहक का दिल्ली के एसबीआई में खाता था। फिर इंडियन ओवरसीज बैंक के एटीएम से पैसे निकाले। इसके बाद उन्हें 22,000 रुपये निकासी के तीन संदेश आए। उन्होंने एसबीआई व आरबीआई बैंकिंग लोकपाल के पास

शिकायत दर्ज कराई। सफलता नहीं
मिलने पर दिल्ली उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई। 25 अक्तूबर, 2017 को दिल्ली जिला उपभोक्ता आयोग ने एसबीआई को 4 जनवरी, 2014 से वसूली तक 10% सालाना ब्याज सहित 20,000 रुपये वापस करने का निर्देश दिया। मुकदमे की लागत के लिए 5,000 और मानसिक कष्ट के लिए 10,000 भी देने का आदेश दिया। एसबीआई ने इस फैसले के खिलाफ दिल्ली राज्य उपभोक्ता आयोग में अपील किया जिसे आयोग ने मानने से इन्कार कर दिया।