नई दिल्ली, सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को बिहार में एक अगस्त को प्रकाशित होने वाले मसौदा मतदाता सूची के प्रकाशन पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।
अदालत ने कहा कि इसमें किसी तरह की गड़बड़ी मिलने पर इसे रद्द कर दिया जाएगा। इसके साथ ही, शीर्ष अदालत ने भारत के निर्वाचन आयोग (ईसीआई) को मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के लिए आधार और मतदाता फोटो पहचान पत्र को स्वीकार्य दस्तावेजों में शामिल करने का निर्देश दिया।

जस्टिस सूर्यकांत और जॉयमाल्या बागची की पीठ ने एसआईआर पर रोक लगाने से इनकार करते हुए कहा कि हमने निर्वाचन आयोग के इस कथन पर भी विचार किया है, जिसमें कहा गया कि एसआईआर के लिए गणना प्रपत्र मसौदा मतदाता सूचियों के प्रकाशन के बाद भी जमा किए जा सकते हैं। जस्टिस सूर्यकांत ने साफ किया कि अदालत की शक्ति को कम मत समझिए। हम पर भरोसा कीजिए। यदि कोर्ट आपकी दलीलों से सहमत होती है और यह पता चलता है कि एसआईआर में गड़बड़ी या अवैधता पाई जाती है, तो तुरंत पूरी प्रक्रिया रद्द कर देंगे। पीठ ने सभी पक्षों के वकीलों से 29 जुलाई तक समय-सीमा और बहस के लिए जरूरी समय पेश करने को कहा।