विज्ञप्ति में लिखा है कि अध्यक्ष के सुपौत्र का मुंडन संस्कार पड़ जाने से स्थगित की जा रही टीजीटी भर्ती परीक्षा
प्रयागराज। बिना नोटिस प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) परीक्षा स्थगित करने के बाद चौतरफा आलोचनाओं से घिरे उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने अफवाहों को तो खुलकर नकारा, लेकिन परीक्षा तिथि पर अब भी चुप्पी साध रखी है। आयोग अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ अब विधिक कार्रवाई कर रहा है।

सोशल मीडिया पर मंगलवार को आयोग के परीक्षा नियंत्रक देवेंद्र प्रताप सिंह के फर्जी हस्ताक्षर वाली
विज्ञप्ति वायरल हुई, जिस पर लिखा है कि टीजीटी की लिखित परीक्षा 21 व 22 जुलाई को निर्धारित थी। आयोग अध्यक्ष के सुपौत्र का मुंडन संस्कार पड़ जाने के कारण यह परीक्षा स्थगित की जाती है।
मुंडन संस्कार संपन्न होने के उपरांत परीक्षा की अगली तारीख निर्धारित की जाएगी। यह विज्ञप्ति देश में वायरल हो गई और कुछ ही देर में आयोग के फोन घनघनाने
फर्जी विज्ञप्ति वायरल होने पर आयोग ने शुरू की विधिक कार्रवाई
लगे। ऐसे में आयोग के सचिव मनोज कुमार को अधिकृत रूप से विज्ञप्ति जारी कर इस अफवाह को नकारना पड़ा।
सचिव ने कहा, सोशल मीडिया में फर्जी एवं भ्रामक खबर वायरल की गई है। विज्ञप्ति में सूचना पूर्णतया फर्जी, निराधार और मनगढंत है। यह किसी शरारती तत्व द्वारा आयोग के प्रतीक चिह्न, नाम एवं परीक्षा नियंत्रक के पद नाम का दुरुपयोग कर तैयार की गई है। आयोग संबंधित शरारती तत्व के विरुद्ध विधिक कार्रवाई कर रहा है।
नई भर्ती के लिए प्रारूप और पुरानी भर्ती के लिए तारीख तय नहीं
आयोग टीजीटी-पीजीटी की नई भर्ती के लिए न तो अधियाचन का प्रारूप निर्धारित कर सका और न ही पुरानी भर्ती के लिए कोई तारीख तय कर सका। 13.19 लाख अभ्यर्थी तीन साल से अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में टीजीटी-पीजीटी के 4163 पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन दोनों ही भर्ती परीक्षाएं तीन बार स्थगित हो चुकी हैं। टीजीटी परीक्षा कब होगी, यह तय नहीं। पीजीटी परीक्षा अगस्त के अंत में प्रस्तावित है, लेकिन इसकी तिथि निर्धारित नहीं है।