लखनऊ। प्रदेश के परिषदीय स्कूलों के विलय के विरोध में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। इसके विरोध में संघ ने ज्ञापन देने, एक्स पर अभियान चलाने व जिलों में बीएसए कार्यालय पर धरने की घोषणा की है। संघ की ओर से सभी जिलाध्यक्ष व जिला मंत्री को इसके लिए मंगलवार को निर्देश जारी किए गए हैं।

संघ ने कहा है कि शासन की ओर से हजारों विद्यालयों को पेयरिंग के नाम पर बंद किया जा रहा है। प्रदेश में 150 से कम छात्र संख्या वाले प्राथमिक विद्यालय व 100 से कम छात्र संख्या वाले उच्च प्राथमिक विद्यालयों को प्रधानाध्यापक विहीन करते हुए हजारों प्रधानाध्यापकों को सरप्लस घोषित कर दिया गया है। इसके पूर्व एक ही परिसर में स्थित लगभग 20 हजार विद्यालयों का विलय करके प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के पद समाप्त कर दिए गए थे।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेश चन्द्र शर्मा व महामंत्री संजय सिंह ने कहा कि विद्यालयों के विलय से छात्रों से विद्यालयों की दूरी अधिक होगी, वहीं हजारों रसोइयों की सेवा समाप्त हो जाएगी। बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी इसे लेकर दबाव बनाकर विद्यालय बंद कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 30 जून को प्रदेश के 822 ब्लॉकों में अभिभावकों व ग्राम प्रधानों की बैठक के बाद विरोध करने का प्रस्ताव पारित किया है।
उन्होंने बताया कि 3 व 4 जुलाई को शिक्षकों, अभिभावकों, ग्राम प्रधानों व रसोइयों द्वारा अपने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को इसके विरोध में ज्ञापन दिया जाएगा। 6 जुलाई को एक्स पर इसके विरोध में अभियान चलाया जाएगा। 8 जुलाई को जिलों में बीएसए कार्यालय पर धरना देकर जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भेजा जाएगा।