, लखनऊः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े रुख के बाद राज्य के जर्जर परिषदीय स्कूल भवनों के कायाकल्प की प्रक्रिया अब तेज होगी। मौजूदा वित्तीय वर्ष के दौरान पुनर्निर्माण और मरम्मत के लिए चिह्नित किए गए 1590 जर्जर स्कूल भवनों के कायाकल्प का काम बरसात के बाद तेजी से शुरू होगा। बेसिक शिक्षा विभाग की कोशिश है कि विद्यालय भवनों के जीर्णोद्धार का काम अगले वर्ष मार्च तक पूरा पर लिया जाए। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद विभाग नए सिरे से सर्वेक्षण कर अन्य जर्जर स्कूल भवनों को भी चिह्नित करेगा। इस बीच बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने निर्देश दिए हैं कि यदि किसी जर्जर स्कूल भवन में कोई हादसा हुआ तो संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) जिम्मेदार होंगे। विद्यालय भवनों की जर्जर स्थिति और जोखिम को लेकर दैनिक जागरण के समाचारीय अभियान

557 जर्जर भवनों का होगा पुनर्निर्माण, 1033 की मरम्मत
150 करोड़ खर्च से अगले वर्ष मार्च तक काम पूरा होगा
बहराइच के बड़ीहाट प्राथमिक विद्यालय द्वितीय का जर्जर भवन जागरण
का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने विद्यालयों की जांच कराने और जर्जर भवनों को ध्वस्त किए जाने के निर्देश दिए हैं। विभाग ध्वस्तीकरण, सत्यापन, मूल्यांकन और निर्माण की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने में जुट गया है। 1590 जर्जर स्कूल भवनों का पुनर्निर्माण/मरम्मत
की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1033 विद्यालय भवनों की मरम्मत व 557 भवनों को ध्वस्त कर पुनर्निर्माण किया जाएगा। इस पर 150 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। ये कार्य अगले वर्ष मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य है।