प्रयागराज, । उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने बार काउंसिल ऑफउत्तर प्रदेश में पंजीकृत तकरीबन सवादोलाख अधिवक्ताओं के शैक्षिक अभिलेखों का सत्यापन शुरू कर दिया है। काउंसिल ने ही इन अधिवक्ताओं के शैक्षिक अभिलेख सत्यापन के लिए यूपी बोर्डको भेजे हैं ताकि यह पता किया जा सके कि अभिलेख कहीं फर्जी तो नहीं हैं।

वर्ष 1984 या उससे पहले के करीब 47 हजार शैक्षिक अभिलेखों का सत्यापन यूपी बोर्ड मुख्यालय में मौजूद
यूपी बार काउंसिल से संबद्ध हैं अधिवक्ता काउंसिल ने ही सत्यापन को भेजे हैं अभिलेख
टेबुलेशन रजिस्टर (टीआर) से किया जा रहा है। 1984 के बाद के हाईस्कूल व इंटर के अंकपत्र-प्रमाणपत्र प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, बरेली और मेरठ स्थित यूपी बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालयों को भेजे गए हैं क्योंकि इससे संबंधित रिकॉर्ड क्षेत्रीय कार्यालयों में ही मौजूद हैं। वहीं, 2002 के बाद के करीब 59 हजार
अधिवक्ताओं के शैक्षिक अभिलेखों की जांच ऑनलाइन होगी। इस अवधि के बादबोर्ड नेशैक्षिक अभिलेख ऑनलाइन कर दिए थे। यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि इस विशेष सत्यापन कार्य के लिए अलग से टीम बनाई गई है। उप सचिव की निगरानी में यह काम करवाया जा रहा है। अभी सत्यापन कार्य चल रहा है। लगभग आधा सत्यापन हुआ है। अब तक बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश में रजिस्ट्रेशन कराकर प्रैक्टिस करने वाले 12 वकीलों के शैक्षिक प्रमाणपत्र फर्जी मिले हैं।