लखनऊ। प्रदेश में स्कूल-कॉलेजों के सभी शिक्षकों व शिक्षणेतर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की कवायद तेज हो गई है। बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने सोमवार को स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के साथ बैठक कर प्रक्रिया पर विचार-विमर्श किया। सीएम ने शिक्षक दिवस पर प्रदेश के सभी शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की घोषणा की थी। इसे दीपावली से पहले प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत संबंधित विभागों से इस पर आने वाले व्ययभार की

जानकारी मांगी गई है। इसके लिए कैबिनेट प्रस्ताव भी तैयार होना है। यह प्रस्ताव बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग मिलकर बना रहे हैं।
महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा की अध्यक्षता में शिक्षा व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक में प्रक्रिया की जानकारी ली गई ताकि इसी के अनुसार कैबिनेट प्रस्ताव तैयार किया जाए। कैबिनेट की हरी झंडी के बाद यह सुविधा लागू होगी। माध्यमिक शिक्षा विभाग इसका समन्वय कर रहा है। वहीं संस्कृत विद्यालय शिक्षक समिति ने संस्कृत विद्यालयों व महाविद्यालयों के शिक्षकों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा की योजना में शामिल करने की मांग की है।