प्रक्रिया पूरी करने में लापरवाही से हो रहे लाभ से वंचित
ज्ञानपुर। जिले के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाने वाले करीब 800 शिक्षकों का चयन वेतनमान फंस गया है। इससे उन्हें सरकारी लाभ से वंचित होना पड़ रहा है। शिक्षक संगठनों की ओर से बार-बार की जा रही मांग के बाद भी चयन वेतनमान की अनदेखी की जा रही है।
महानिदेशक स्कूल शिक्षा की ओर से जारी चेतावनी नोटिस के बाद अब शिक्षकों में चयन वेतनमान का लाभ मिलने की उम्मीद जगी है। माना जा रहा है कि अगर विभाग ने उनकी समस्या पर ध्यान दिया तो आने वाले समय में उन्हें सहूलियत मिल सकेगी।

परिषदीय शिक्षकों और शिक्षणेतर कर्मचारियों को सेवा के दौरान पदोन्नति न होने की दशा में चयन वेतनमान देने की व्यवस्था है। सेवा मामलों के निस्तारण के लिए मानव संपदा पोर्टल पर बनाए गए चयन वेतनमान माड्यूल के संचालन में लापरवाही बरती जा रही है।
इससे जिले में चयन वेतनमान पाने की श्रेणी में शामिल 800 शिक्षकों को लाभ से वंचित होना पड़ रहा है। वहीं शिक्षक संगठनों की ओर से मांगों को लेकर आए दिन किए जाने वाले धरना-प्रदर्शन के दौरान चयन वेतनमान के निस्तारण की मांग की जाती है।
अब विभाग की उदासीनता को महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने गंभीरता से लेते हुए चेतावनी नोटिस जारी किया है। ऐसे में अब शिक्षकों को मामले का निस्तारण होने की उम्मीद बंधी है। उनका कहना है कि अब शायद उनकी समस्या का समाधान हो जाए। बस इस कार्य में अब विभाग की ओर से किसी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।
जिले के 885 परिषदीय म विद्यालयों में चार हजार से अधिक ध शिक्षक-शिक्षिकाएं कार्यरत हैं।
क्या है चयन वेतनमान
शिक्षक व शिक्षणेतर कर्मचारियों को सेवा शुरू होने के बाद 10 वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर यदि पदोन्नति नहीं मिलती तो उन्हें चयन वेतनमान दिया जाता है। यानी जैसे ग्रेड पे 4600 है तो चयन वेतनमान के बाद 4800 हो जाएगा। यदि 10 वर्ष की सेवा पर पदोन्नति हो जाती है तो चयन वेतनमान नहीं दिया जाता है।