महराजगंज। परिषदीय शिक्षक पढ़ाने से इतर भी जिम्मेदारी निभा रहे। मौजूदा समय में उनके कंधों पर एसआईआर का दायित्व है। लेकिन आने वाले समय में इससे भी बड़ी जिम्मेदारी में उन्हें लगाए जाने की चर्चा है जिसे लेकर परिषदीय शिक्षक इन दिनों हैरान परेशान हैं।
जनपद में 3500 से अधिक शिक्षकों की तैनाती बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त विभाग के मुताबिक बताई जा रही। इनके जिम्मे 1500 से अधिक स्कूलों के लगभग 1.80 लाख विद्यार्थियों का जिम्मा है। शिक्षकों की भर्ती विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए है, लेकिन बच्चों को पढ़ाने के अतिरिक्त अन्य कार्यों में भी लगाया जा रहा। इसे लेकर शिक्षक संगठन लंबे समय से पढ़ाने की जगह अन्य दायित्व से परे रखने की मांग कर रहे, लेकिन अबतक मांग अनसुनी है।

मौजूदा समय में वह निर्वाचन आयोग के मतदाता सूची विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण में लगे हैं। लेकिन आगामी दिनों में उन्हें ब्लॉक क्षेत्र के घुमंतू कुत्तों की गिनती में लगाया जाएगा। शासन की तरफ से हाईकोर्ट में छुट्टा कुत्तों की पहचान, रोकथाम व नियंत्रण के संदर्भ में दाखिल जनहित याचिका में हलफनामा दाखिल किया गया है। बताया है कि सभी विभागों का सहयोग लेकर छुट्टा पशुओं की
समस्या से निजात की रूपरेखा बना ली गई है। इसमें बेसिक शिक्षकों की मदद से क्षेत्र में छुट्टा कुत्तों की संख्या को पता लगाने की बात का उल्लेख है। हलफनामा की जानकारी मिलने के बाद विभागीय शिक्षक दबी जुबान चर्चा कर रहे कि आखिर यह कैसी जिम्मेदारी शिक्षकों पर थोपने की तैयारी है। इस काम के दौरान कब कुत्ता उन्हें काटकर रैबीज के दायरे में पहुंचा देगा कहा नहीं जा सकता।
जनहित याचिका में शासन की तरफ से हलफनामा
बेसिक शिक्षकों पर तरह-तरह का दायित्व शासन थोप रहा। शिक्षकों की भर्ती विद्यार्थियों को शिक्षा देने के लिए होती, लेकिन इस दायित्व की जगह उनसे अन्य कार्य लिए जा रहे जो पूरी तरह नियम विरुद्ध। हमारा संगठन लंबे वक्त से शिक्षण कार्य के अतिरिक्त अन्य कार्य न लिए जाने की मांग उठा रहा।
– अखिलेश पाठक, संगठन मंत्री, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ।
शासन की तरफ से छुट्टा कुत्तौ की गिनती शिक्षकों से कराने का पत्र अभी नहीं प्राप्त हुआ है। पत्र मिलने पर खंड शिक्षा अधिकारियों की मानिटरिंग में गिनती कराई जाएगी।
– रिद्धि पांडेय, बीएसए।