लखनऊ। समाज कल्याण विभाग ने राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना में सुधार करते हुए पेंशन भुगतान बना दिया है। अब पात्र वृद्धजन की पहचान और सत्यापन फैमिली आईडी से स्वतः किया जाएगा। इससे पेंशन बिना देरी सीधे लाभार्थी के खाते में पहुंचेगी। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव एल वेंक्टेश्वर लू ने सभी सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि फैमिली आईडी आधारित चिह्नीकरण और सत्यापन को संवेदनशीलता से लागू किया जाए। प्रक्रिया को और पारदर्शी व सरल

नई व्यवस्था में 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के बजुर्गों को आवेदन की जरूरत नहीं होगी। फैमिली आईडी की आयु और परिवार के ब्योरे से स्वतः पता चल जाएगा कि कौन पेंशन के लिए पात्र है। जो लोग अगले 90 दिनों में 60 वर्ष पूरे करने वाले हैं उनके नाम भी सिस्टम में खुद जुड़ जाएंगे। अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया है कि लाभार्थियों की मोबाइल एसएमएस, व्हाट्सएप या फोन कॉल से लेकर पेंशन की स्वीकृति और डीबीटी के जरिये भुगतान समय पर सुनिश्चित करें
पांच जिलों में शुरू होगा पायलट परीक्षण
नई पेंशन प्रणाली सबसे पहले अमेठी, कासगंज, गोरखपुर, ललितपुर और बस्ती जिलों में पायलट परीक्षण के आधार पर लागू की जाएगी। इसके सफल होने पर इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। इसके साथ ही सभी जिलों को 30 दिनों में विस्तृत एसओपी तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। बता दें, वर्तमान में लगभग 67.50 लाख वृद्धजन इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। इस बारे में समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि फैमिली आईडी सोशल सेक्टर को दीर्घकालिक राह दिखाएगा। इससे वृद्धजनों के जीवन