लखनऊ। प्रदेश में निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत इस बार प्रवेश आवेदन के लिए इंतजार करना होगा। नए शासनादेश के अनुसार पोर्टल को किया पोर्टल को जा रहा अपग्रेड अपडेट अभी लगेगा समय किया जा रहा है जिससे विलंब हो रहा है। इसमें अभी और समय लग सकता है। हालांकि, बीते वर्षों में दिसंबर से ही चार चरणों में प्रवेश आवेदन लिए जाते रहे हैं। पिछले साल भी एक दिसंबर से प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई थी।

आरटीई के तहत निजी स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों का प्रवेश कराया जाता है, लेकिन इस साल यह प्रक्रिया एक दिसंबर से नहीं
पिछले साल एक लाख से ज्यादा हुए थे प्रवेश
दिसंबर से ही प्रवेश आवेदन शुरू करने का लाभ पिछले साल बेसिक शिक्षा विभाग को मिला था। सत्र 2025-26 के लिए आरटीई के तहत 334953 आवेदन हुए थे। इसमें से 252269 आवेदन स्वीकृत हुए थे। इनमें 185675 बच्चों को सीटें अलॉट की गई थीं। इसमें से 106592 बच्चों का प्रवेश भी सुनिश्चित हुआ था। यही वजह है कि इस साल भी बड़ी संख्या में अभिभावकों को प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार है।
शुरू हो पाई। विभाग के अनुसार सितंबर में जारी शासनादेश में पोर्टल में जरूरी संशोधन के निर्देश दिए गए थे। इस क्रम में सभी आवश्यक जानकारी पोर्टल में अपलोड की जा रही है। हाल ही में हुई शासन की समीक्षा बैठक में बच्चों का डाटा ऑनलाइन फीड करने के लिए 29 नवंबर का समय दिया गया था। डीएम व सीडीओ को बैठक कर इसके लिए प्रचार-प्रसार के भी निर्देश दिए गए थे।
इतना ही नहीं शासन ने इस साल
एक अतिरिक्त चरण के आयोजन की घोषणा की थी, किंतु हालिया स्थिति में प्रवेश आवेदन इस महीने के अंत या जनवरी में ही शुरू होने की उम्मीद है। समग्र शिक्षा के उप निदेशक डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने कहा कि नए शासनादेश के अनुसार सूचनाएं पोर्टल पर एनआईसी के माध्यम से अपडेट की जा रही हैं। ऐसे में प्रवेश आवेदन शुरू करने में अभी थोड़ा समय लगेगा। प्रवेश आवेदन लेने के लिए अभी पर्याप्त समय है।