प्रयागराज,
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की परीक्षा के पहले दिन बुधवार को इंटरमीडिएट साहित्यिक हिंदी के प्रश्नपत्र में गड़बड़ी सामने आई थी, जिसमें निर्धारित खंडकाव्य से प्रश्न न पूछकर दूसरे खंडकाव्य से पूछे गए थे। आपके अपने अखबार ‘हिन्दुस्तान’ ने इस गड़बड़ी को 19 फरवरी के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया, जिसका अधिकारियों ने संज्ञान लिया। इस मामले में पेपर बनाने वाले विशेषज्ञों को डिबार करने का फैसला लिया गया है। इसके साथ ही संबंधित परीक्षार्थियों को आनुपातिक अंक दिए जाने की बात

माध्यमिक शिक्षा परिषद
कही है।
बता दें कि इंटरमीडिएट में अलग-अलग जिलों के विद्यार्थियों के लिए छह खंडकाव्य निर्धारित हैं। कानपुर, जौनपुर, मुरादाबाद, फैजाबाद, एटा और ललितपुर के विद्यार्थी मुक्ति यज्ञ खंडकाव्य का अध्ययन करते हैं। बुधवार को हुई परीक्षा में जौनपुर समेत अन्य जिलों में वितरित (301बीडी) संकेतांक वाले प्रश्न पत्र में मुक्ति यज्ञ नामक खंडकाव्य से प्रश्न नहीं आने से विद्यार्थियों को समस्या का सामना
इंटर हिंदी की परीक्षा में निर्धारित खंडकाव्य से प्रश्न नहीं पूछने का मामला
‘हिन्दुस्तान’ ने गुरुवार के अंक में गड़बड़ी को प्रमुखता से किया था उजागर
करना पड़ा। बताया गया कि इस संकेतांक के प्रश्न संख्या में रश्मिरथी, श्रवण कुमार, सत्य की जीत, आलोकवृत्त और त्यागपथी खंडकाव्य से सवाल पूछे गए थे जो कि दूसरे जिलों के लिए निर्धारित हैं। इस गड़बड़ी को आपके अपने अखबार ‘हिन्दुस्तान’ ने ‘निर्धारित खंडकाव्य से प्रश्न नहीं आने पर परेशान रहे छात्र’ शीर्षक से बुधवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया। जिसका संज्ञान लेते हुए बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने रिपोर्ट तलब की।