यूपी के अमेठी में सुसाइड नोट में अपनी पीड़ा लिखकर सहायक अध्यापक फांसी झूल गया। घटना से घर में चीख पुकार मच गई।
शोर सुनकर आसपास के लोग भी जमा हो गए। मौजूद लोग परेशान परिजन को ढांढस बंधाते रहे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटना की जानकारी ली। घटना रायपुर फुलवारी की है। यहां सहायक अध्यापक राम प्रकाश वर्मा (46) की लाश घर में फंदे से लटकती मिली।
वह मूल रूप से संग्रामपुर बढ़ईपुर गांव के रहने वाले थे। रायपुर फुलवारी में मकान बनाकर रहते थे। घटना के बाद से पत्नी, बेटी वंदना (17), बेटे आलोक (14) और अमन दीप (12) का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने बताया कि राम प्रकाश वर्मा, प्रतापगढ़ जिले के गौहानी स्थित प्राथमिक विद्यालय में तैनात थे। इन दिनों इंटर कॉलेज, गोहानी में बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी लगाई गई थी। साथ ही बीएलओ का कार्य भी देख रहे थे। इस कारण कुछ समय से मानसिक दबाव में थे। मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें बीएलओ कार्य के साथ बोर्ड परीक्षा ड्यूटी लगने से मानसिक रूप से परेशान होने की बात लिखी है। साथ ही किसी को जिम्मेदार न ठहराने की बात सामने आई है। हालांकि, पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इंस्पेक्टर रवि कुमार सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आत्महत्या का मामला प्रतीत हो रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। जांच की जा रही है।
सहायक अध्यापक की संदिग्ध मौत, घर के भीतर फंदे से लटका मिला शव
अमेठी में सहायक अध्यापक की संदिग्ध मौत, घर के भीतर फंदे से लटका मिला शव
प्रतापगढ के प्राथमिक विद्यालय गौहानी में तैनात थे राम प्रकाश वर्मा
अमेठी। अमेठी थाना क्षेत्र के रायपुर फुलवारी मोहल्ले में बुधवार देर रात एक सरकारी शिक्षक का शव घर के अंदर फंदे से लटका मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
प्रभारी निरीक्षक अमेठी रवि सिंह के अनुसार मृतक की पहचान 46 वर्षीय राम प्रकाश वर्मा पुत्र लल्लन वर्मा निवासी रायपुर फुलवारी के रूप में हुई है। वह प्रतापगढ़ जनपद के प्राथमिक विद्यालय गौहानी में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात थे। प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
पुलिस के मुताबिक राम प्रकाश वर्मा मूल रूप से संग्रामपुर थाना क्षेत्र के बढ़ईपुर गांव के निवासी थे। उन्होंने रायपुर फुलवारी में मकान बनवा रखा था। बताया जा रहा है कि पिछले एक सप्ताह से वह घर में अकेले रह रहे थे, जबकि परिवार के अन्य सदस्य बढ़ईपुर गांव में थे। उनके तीन बच्चे हैं।
परिजनों के अनुसार बुधवार को फोन करने पर उनका मोबाइल रिसीव नहीं हुआ। कई बार प्रयास के बाद भी संपर्क न होने पर परिजन चिंतित हो उठे और घर पहुंचे। दरवाजा अंदर से बंद मिला। काफी कोशिश के बाद भी दरवाजा न खुलने पर पड़ोस की छत से अंदर झांककर देखा गया तो वह फंदे से लटके मिले। इसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।
घटना से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मिली जानकारी के अनुसार मृतक शिक्षक कुल तीन भाई थे और उनका पूरा परिवार संग्रामपुर के बढईपुर मजरे मिश्रौली बड़गांव में रहता था।