अगर आपको SIR की नोटिस मिली है और वजह नाम में भिन्नता है, तो इसे हल्के में बिल्कुल मत लें। सही दस्तावेज लगा देंगे तो मामला साफ हो जाएगा, वरना नाम कटने का खतरा रहता है।
❓क्या करना चाहिए?
👉 आपको ऐसा प्रमाण देना है जिससे यह साबित हो सके कि
2003 में आपका नाम थोड़ा अलग लिखा था और 2026 में थोड़ा अलग, लेकिन व्यक्ति एक ही है।
✅ उदाहरण समझ लीजिए :
मान लीजिए:
• 2003 में नाम दर्ज था: “Mohd. Adnan”
• 2026 में नाम है: “Mohammad Adnan Khan”
या
• 2003 में: “Rizwan Ahmad”
• 2026 में: “Rizwan Ahmed”
या
• 2003 में: “Sita Devi”
• 2026 में: “Seeta Devi”
👉 ऐसी छोटी-मोटी स्पेलिंग या सरनेम की भिन्नता आम बात है, लेकिन रिकॉर्ड में फर्क दिखता है तो सफाई देनी पड़ती है।
✅ कौन-कौन से डॉक्यूमेंट लगा सकते हैं?
• आधार कार्ड
• हाईस्कूल मार्कशीट
• जन्म प्रमाण पत्र
• पासपोर्ट (अगर हो)
• पुराना वोटर आईडी
• कोई सरकारी प्रमाण पत्र जिसमें पुराना नाम दर्ज हो
कोशिश करें कि एक ऐसा डॉक्यूमेंट दें जिसमें पुराना नाम दिखे और एक जिसमें नया नाम दिखे, ताकि मिलान साफ हो सके।
⚠️ जरूरी बात
• नोटिस का जवाब समय से दें
• BLO के पास खुद जाकर दस्तावेज जमा करें
• रसीद या प्राप्ति जरूर लें
✅ अगर आप जवाब नहीं देते या सही प्रमाण नहीं देते, तो नाम हटने की पूरी संभावना रहती है। इसलिए देरी न करें, दो कागज़ सही लगा देंगे तो मामला वहीं खत्म हो जाएगा।
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#NameDiscrepancy