नई दिल्ली। देश में पहली बार होने वाली जातिगत जनगणना के लिए सवाल तैयार किए जा रहे हैं। जनगणना अभियान के दूसरे चरण के शुरू होने से पहले इन्हें अधिसूचित किया जाएगा। गृह मंत्रालय में राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में बुधवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि जनगणना के द्वितीय चरण के लिए प्रश्न, जिनमें जाति-संबंधी प्रश्न भी शामिल हैं, जनगणना अभियान के दूसरे चरण के शुरू होने से पहले अधिसूचित कर दिए जाएंगे। प्रत्येक जनगणना से पहले विभिन्न मंत्रालयों, विभागों, संगठनों, जनगणना डेटा उपयोगकर्ताओं आदि से प्राप्त इनपुट सुझावों के आधार पर जनगणना प्रश्नावली को अंतिम रूप दिया जाता है।
इसी प्रक्रिया के तहत जाति-संबंधी प्रश्नों सहित द्वितीय चरण के प्रश्नों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अंतिम रूप दिया जाएगा और अधिसूचित किया जाएगा।
2027 की जनगणना दो चरणों में हो रही है। पहला चरण इस साल एक अप्रैल से शुरू होने जा रहा है। प्रथम चरण के तहत मकान सूचीकरण और
राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में दी जानकारी
मकानों की गणना के लिए 33 सवालों की सूची अधिसूचित कर दी गई। चूंकि अब दूसरे चरण में जाति की गणना भी होनी है। और यह आजादी के बाद पहली बार होगा। इसलिए सबकी निगाह इससे जुड़े सवालों पर है। इसके लिए जनगणना महारजिस्ट्रार कार्यालय कई स्तर पर मंथन कर रहा है। मकान सूचीकरण का कार्य 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 के बीच सभी राज्यों एवं संघ राज्यक्षेत्रों में होगी। उत्तरदाता घर-घर सर्वेक्षण से पूर्व 16 भाषाओं में अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कराने का विकल्प है। पहली बार जनगणना डिजिटल माध्यम से होगी।
जनगणना-2027 के शुभंकर ‘प्रगति’ और ‘विकास’ रखा गया है। यह 2047 में भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को पूरा करने में महिलाओं और पुरुषों की बराबर की भागीदारी के प्रतीक माना गया है। जनगणना में परिवार के मुखिया के लिंग संबंधी आंकड़े तीन श्रेणियों यानी पुरुष, महिला और ट्रांसजेंडर के आधार पर एकत्र किए जाएंगे।