लखनऊ। देश भर के बेसिक शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों की चार अप्रैल को रामलीला मैदान दिल्ली में महारैली की तैयारी तेज कर दी है। इसके लिए हर जिले में समन्वयक तैनात किए। इनको जिलों में बैठक कर तैयारी पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
टीएफआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा ने हाल ही में लखनऊ में प्रदेश प्रभारियों की बैठक की थी। इसमें उन्होंने सभी जिलों से ज्यादा से ज्यादा शिक्षकों को इस रैली में शामिल करने का निर्देश दिया था। साथ ही इसके लिए आवश्यक व्यवस्था व सहयोग के भी निर्देश दिए थे।
कहा, 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए समाप्त हो अनिवार्यता
मशाल जुलूस की तैयारी तेज
अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक संघ के बैनर तले टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षक 13 अप्रैल को मशाल जुलूस निकालेंगे। इसके लिए बुधवार को बैठक कर रणनीति बनाई गई। महासंघ के संयोजक सुशील कुमार पांडेय ने बताया कि सभी जिलों में आयोजन की सफलता के लिए व्यापक जनसंपर्क पर जोर दिया गया है। एक दर्जन शिक्षक संगठनों के प्रदेश अध्यक्ष व पदाधिकारी ब्लॉक स्तर पर इसके लिए लगे हुए हैं।
इसी क्रम में उन्होंने आज सभी जिलों में इसके लिए समन्वयक भी तैनात किए है। उन्होंने कहा कि
टीईटी लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए इसकी अनिवार्यता समाप्त करने के लिए संगठन चरणबद्ध आंदोलन चला रहा है। इसी क्रम में एक दर्जन से अधिक राज्यों के शिक्षकों के इस संगठन ने इस मामले में सकारात्मक कार्यवाही नहीं की गई है। संसद सत्र में भी इस मामले के उठने के बाद कोई कार्यवाही नहीं की गई है।
वहीं मध्य प्रदेश में सुप्रीम कोर्ट के आदेश को क्रियान्वित करने के निर्देश से काफी नाराजगी है। ऐसे में देश भर का प्रभावित हो रहा शिक्षक चार अप्रैल को दिल्ली में अपनी ताकत का एहसास कराएगा। यह रैली इस मुद्दे पर निर्णायक निर्णय के लिए केंद्र सरकार को बाध्य करेगी।