लखनऊ, प्रमुख संवाददाता। यूपी में खुले 46 नए राजकीय डिग्री कॉलेज शिक्षकों की कमी के कारण छात्रों को तरस रहे हैं। संसाधनों के बावजूद यहां विभागों व पाठ्यक्रमों का विस्तार नहीं हो पा रहा है। उच्च शिक्षा विभाग की ओर से पिछले वर्ष जुलाई में शिक्षकों की भर्ती के लिए अधियाचन भेजा जा चुका है। दूसरे कॉलेजों से शिक्षकों को स्थानांतरित कर काम चलाया जा रहा है।
46 नए डिग्री कॉलेजों में शिक्षकों की भर्ती के लिए उप्र लोक सेवा आयोग को पिछले साल जुलाई में अधियाचन भेजा गया था। अभी तक भर्ती के लिए परीक्षा नहीं हुई है और भर्ती परीक्षा की तैयारियां चल रही हैं। पिछले दो-तीन वर्षों से शिक्षकों की कर्मी के कारण नए खुले इन डिग्री कॉलेजों में पढ़ाई ढंग से नहीं हो पा रही है। जिसके कारण 46 में से 50 प्रतिशत डिग्री कॉलेज ऐसे हैं, जहां 50
व उससे अधिक छात्र हैं। 15 डिग्री कॉलेजों में तो मात्र 30 से 35 छात्र ही हैं। सिर्फ 5 से 6 कॉलेज ऐसे होंगे, जहां छात्रों की संख्या 200 तक होगी।
आयोग जल्द भर्ती की तारीख घोषित करेगा
शिक्षकों की कमी के चलते गुणवत्तापरक शिक्षा छात्रों को नहीं हो मिल रही है। स्नातक में बामुश्किल कुछ विषयों की ही पढ़ाई यहां पर हो पा रही है। ऐसे में उच्च शिक्षा विभाग की ओर से तैयार किए गए इन डिग्री कॉलेजों का लाभ छात्रों को ढंग से नहीं मिल पा रहा है। अब उम्मीद जताई जा रही है कि आयोग जल्द भर्ती परीक्षा की तारीख घोषित करेगा।