लखनऊ। आधार में जन्मतिथि संसोधन के सबसे अधिक मामले सामने आ रहे हैं। क्षेत्रीय कार्यालय लखनऊ में रोजाना जो अपॉइंटमेंट हो रहे हैं उनमें से करीब 75 फीसदी जन्मतिथि बदलवा संबंधी रहते हैं। ये स्थिति लंबे वक्त से है। इसके पीछे की कई वजह हैं। इसलिए जन्मतिथि बदलवाने के नियम भी कुछ महीने पहले सख्त किए गए हैं।
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) लखनऊ कार्यालय के अधिकारियों के मुताबिक, आधार कार्ड अपडेट व सुधार के लिए रोजाना औसतन 400 अपॉइंटमेंट बुक किए जाते हैं। नाम, पता सुधारने के साथ-साथ मोबाइल नंबर अपडेट किया जाता है। यही नहीं, आधार में जन्मतिथि संशोधन के लिए भी एक मौका दिया जाता है।
अधिकारी बताते हैं कि ज्यादातर अपॉइंटमेंट जन्मतिथि संशोधन के लिए आ रहे हैं।
रोज 75 फीसदी आवेदन सिर्फ इन्हें मामलों के
विभाग ने जन्मतिथि संशोधन के नियमों को सख्त किया है। अब तक जन्मतिथि में बदलाव के लिए आवेदक नए जन्म प्रमाण पत्र बनवा लेते थे लेकिन अब वह नहीं चलेगा। नए नियमों के अनुसार, पूर्व में बने आधार कार्ड में जिस जन्म प्रमाण पत्र को लगाया गया होगा अब उसे ही अपडेट कराकर लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इस नियम से आने वाले समय में एक से अधिक बार जन्मतिथि बदलवाने वालों पर अंकुश लगने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक, अधिकतर युवा कागजों पर उम्र कम करवाने के लिए ऐसा करते हैं, जिससे वह भर्ती परीक्षाओं में शामिल हो सकें