25 हजार स्कूलों की पहली कक्षा में शून्य नामांकन, 16228 में कक्षा छह में नया प्रवेश नहीं
प्रयागराज प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में एक से 15 अप्रैल तक स्कूल चलो अभियान चलाया गया। इसमें अधिक से अधिक नए विद्यार्थियों के पंजीयन का लक्ष्य था। अभियान तो अधिकृत तौर पर थम गया, लेकिन प्रवेश प्रक्रिया अब भी जारी है। इसके बावजूद 41,823 स्कूलों में एक भी नया प्रवेश नहीं हुआ है। पहली कक्षा में शून्य नामांकन वाले स्कूलों की संख्या 25,595 है जबकि कक्षा छह में प्रवेश नहीं होने वाले स्कूलों की संख्या 16,228 है। प्रदेश भर में करीब 1,33,000 बेसिक स्कूल हैं। मान सकते हैं कि इनमें एक तिहाई विद्यालयों को शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए अब तक नए विद्यार्थी मिले ही नहीं हैं।
महानिदेशक (स्कूल शिक्षा) की समीक्षा के बाद जारी आंकड़े के अनुसार आगरा में सर्वाधिक 1136 ऐसे स्कूल हैं, जहां कक्षा एक में कोई नया प्रवेश नहीं हुआ। इसी जिले में कक्षा छह में शून्य नामांकन वाले विद्यालयों की संख्या 507 है। प्रयागराज में कुल 2853 परिषदीय स्कूल हैं। यहां कक्षा एक में शून्य पंजीयन वाले 172 और कक्षा छह में बिना पंजीयन वाले 213 स्कूल हैं। राजधानी लखनऊ में आठ सौ से अधिक स्कूल ऐसे ही मिले हैं। महानिदेशक ने सभी जिलों के बीएसए तथा खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देशित किया है कि वह स्थिति सुधारने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास करें।
शून्य पंजीयन वाली सूची में अंबेडकरनगर में कक्षा एक के 255, कक्षा छह के 208, अमेठी में कक्षा एक वाले 152, कक्षा छह वाले 82, अमरोहा में 395 तथा 242, आजमगढ़ में 940 व 615, बहराइच में 945 तथा 361 स्कूल हैं। प्रेरणा पोर्टल से स्कूलों में नए पंजीयन की समीक्षा की जा रही है। शून्य पंजीयन वाले स्कूलों को नोटिस मिला है। तीन दिन में लिखित जवाब मांगा गया है। प्रयागराज के बीएसए अनिल कुमार के पत्र में इस स्थिति को विद्यालय के शिक्षण स्टाफ द्वारा शासन एवं विभाग के निर्देशों का उल्लंघन माना गया है। कहा गया है कि कर्मचारी आचरण नियमावली, 1956 के तहत यह दंडनीय है। प्रधानाध्यापकों, प्रभारी प्रधानाध्यापकों व अन्य शैक्षणिक स्टाफ को बीईओ के जरिये अपना स्पष्टीकरण देना है।