सेहत
नई दिल्ली, एजेंसी। भारत में पड़ रही भीषण लू न केवल आपको थका रही है, बल्कि आपके शरीर के अंदरूनी हार्मोनल संतुलन को भी बिगाड़ रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, जब तापमान बढ़ जाता है, तो दिमाग का हाइपोथैलेमस दबाव में आता है।
गर्मी के कारण कोर्टिसोल का स्तर बढ़ जाता है, जिससे चिड़चिड़ापन, नींद की कमी और पेट की चर्बी बढ़ सकती है। गर्मी से मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है और शुगर लेवल में उतार-चढ़ाव हो सकता है, जो मधुमेह मरीजों के लिए खतरनाक है। डॉक्टरों की सलाह है कि खूब पानी पिएं, इलेक्ट्रोलाइट (जैसे ओआरएस या नींबू पानी) लें और
दोपहर की तेज धूप से बचें। अगर आप पहले से थायरॉइड या मधुमेह के मरीज हैं तो लू के दौरान अपनी सेहत की खास निगरानी करें। किसी भी असामान्य लक्षण जैसे तेज कमजोरी, चक्कर या घबराहट होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। ध्यान रहे कि जरा सी लापरलाही आपको बीमार कर सकती है। गर्मी में हल्का और संतुलित भोजन करना भी शरीर को सुरक्षित रखने में मदद करता है।
इन संकेतों को न करें नजरअंदाज
आराम के बाद भी लगातार थकान, नींद पूरी न होना या रात में बार-बार नींद का टूटना, स्वभाव में अचानक चिड़चिड़ापन होना, तापमान से मासिक धर्म अनियमित हो सकते हैं अचानक वजन बढ़ना या भूख में बदलाव शुगर