18 की उम्र पर ज़रूरी हो जाते हैं खुद की पहचान से जुड़े डॉक्यूमेंट्स——
लोग ऐसे करें तैयारी, ताकि न हो आगे परेशानी!
जब बच्चा 18 साल का हो जाए तो घर में जश्न का माहौल होता है उसे जिम्मेदारिया मिलती है लेकिन इस खुशी के बीच एक ज़रूरी बात अक्सर छूट जाती है। दरअसल, कानून की नज़र में बच्चा अब अडल्ट हो चुका है और कॉलेज से लेकर बैंक और नौकरी तक में अब उसके अपने डॉक्यूमेंट्स मांगे जाएंगे। अगर आपके घर में भी कोई बच्चा 18 की दहलीज़ पर है तो कौन-से डॉक्यूमेंट्स कैसे बनवाएं, सब जानकारी दे रहे हैं।
1. वोटर आईडी: सबसे अहम पहचान
बच्चे के 18 साल के होने पर उसे वोट डालने का अधिकार भी मिल जाता है, लेकिन इसके लिए ज़रूरी है उसका वोटर ID कार्ड होना। इसे ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरह से बनवा सकते हैं:
ये डॉक्यूमेंट्स चाहिए होंगे:
जन्म तिथि के लिए: बर्थ सर्टिफिकेट, आधार, पैन, 10वीं या 12वीं का सर्टिफिकेट, पासपोर्ट
पते के लिए: नियम के मुताबिक अगर किसी का वोटर ID बन रहा है तो वह अपने पते की जानकारी देने के लिए अपने किसी फैमिली मेंबर के नाम का कोई डॉक्यूमेंट लगा सकता है और उस पर उसे खुद साइन करने होंगे। अहम यह है कि उस शख्स का नाम उसी पते पर वोटर लिस्ट में पहले से दर्ज हो।
-अगर ऐसा नहीं है तो पते के लिए पानी/बिजली/गैस कनेक्शन का बिल, आधार, पासपोर्ट, बैंक/डाक घर की पासबुक भी दे सकते हैं।
ऑफलाइन के लिए यह है तरीका:
-इसके लिए अपने क्षेत्र के बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) से संपर्क करें।
-फॉर्म 6 भरें। (इसे ऑनलाइन भी निकाल सकते हैं)
-फॉर्म भरने के बाद वेरिफिकेशन के लिए BLO घर आएगा। कुछ समय बाद आपका नाम वोटर लिस्ट में जुड़ जाएगा और वोटर ID कार्ड जारी हो जाएगा।
ऑनलाइन के लिए यह करें:
इसके लिए वेबसाइट voters.eci.gov.in पर जाएं। यहां आपको New Voter Registration में फॉर्म 6 भरने का ऑप्शन दिखेगा। उसे भरें और मांगे गए डॉक्यूमेंट्स और फोटो अपलोड करें। सबमिट करने के बाद रेफरेंस नंबर आएगा, जिससे उसका स्टेटस ट्रैक कर सकते हैं। ऑनलाइन अप्लाई करने पर भी वेरिफिकेशन होगा।
इतना समय लगेगा: इन दिनों जनगणना शुरू हो रही है, इसलिए वोटर ID कार्ड बनवाने में करीब डेढ़ माह का समय लग रहा है।
नोट: इसके लिए कोई शुल्क नहीं लगता है।
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2. आधार: बेहद ज़रूरी, बाकी डॉक्यूमेंट्स का है आधार
आधार पहचान का एक बेहद ज़रूरी डॉक्यूमेंट है, जिसके जरिए दूसरे डॉक्यूमेंट्स बनवाने और सरकारी योजनाओं का लाभ लेना आसान होता है। इसे जन्म से ही किसी भी उम्र में बनवाया जा सकता है। नवजात के लिए बाल आधार बनता है, जो पैरंट्स के आधार से लिंक होता है। 5 साल से कम उम्र में बायोमेट्रिक की ज़रूरत नहीं होती, जबकि 5 और 15 साल की उम्र में अपडेट ज़रूरी है। आमतौर पर आधार बन चुका होता है, बस फोटो आदि अपडेट की ज़रूरत होती है। अगर 15-17 साल में अपडेट हो गया है तो 18 पर दोबारा कराने की ज़रूरत नहीं, लेकिन अगर अब तक आधार नहीं बना है तो पूरी प्रक्रिया से बनवाना होगा।
क्यों ज़रूरी है अपडेट: जब बच्चा छोटा होता है, तो उसके बायोमेट्रिक्स (उंगलियों के निशान और आंखों की पुतलियां) पूरी तरह विकसित नहीं होते। बड़े होने पर शरीर में कई बदलाव होते हैं, जिससे पुराने बायोमेट्रिक्स मैच नहीं कर पाते।
ये डॉक्यूमेंट हैं ज़रूरी:
पहचान: वोटर आईडी कार्ड, पैन कार्ड, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस
पता: वोटर आईडी कार्ड, बिजली बिल, निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, पासपोर्ट, बैंक की पासबुक
जन्म तिथि: बर्थ सर्टिफिकेट, 10वीं का सर्टिफिकेट, पासपोर्ट
अगर नहीं बना है तो यह है तरीका
आधार बनवाने के लिए बायोमेट्रिक्स देने की ज़रूरत होती है। इसलिए बच्चे को आधार केंद्र ले जाना ही पड़ेगा। इसके लिए वेबसाइट uidai.gov.in या 1947 नंबर पर कॉल कर नजदीकी आधार केंद्र का पता लगा सकते हैं।
-bookappointment.uidai.gov.in पर आधार केंद्र के लिए स्लॉट बुक करें। आधार केंद्र पर बच्चे की फोटो ली जाएगी और सभी उंगलियों व आंखों को स्कैन किया जाएगा। इस प्रक्रिया में करीब 15 से 20 मिनट का समय लगेगा।
होगा वेरिफिकेशन: अगर कोई 18 साल के बाद आधार के लिए अप्लाई करता है तो जिस तरह पासपोर्ट और वोटर ID के लिए वेरिफिकेशन होता है, वैसा ही वेरिफिकेशन होगा।
इतना लगेगा समय: सब ठीक होने पर आधार पोस्ट के जरिए घर आता है। इसमें तीन महीने तक का समय लग सकता है, लेकिन अमूमन यह 15 से 20 दिन में हो जाता है।
-आधार सेवा केंद्र के अलावा पास के बैंक या पोस्ट ऑफिस में यह सुविधा है तो वहां जाकर भी आधार बनवा या अपडेट करवा सकते हैं।
नोट: मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी ज़रूर दर्ज करवाएं, ताकि आगे अपडेट करवाने में समस्या न हो। आधार बनवाने के लिए कोई शुल्क नहीं लगता है।
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3. PAN कार्ड: फाइनैंशल काम की पहली ज़रूरत
PAN यानी परमानेंट अकाउंट नंबर नवजात के लिए भी बनवाया जा सकता है, लेकिन ऐसी स्थिति में 18 साल का होने पर उसे अपने PAN कार्ड में नए साइन, फोटो और दस्तावेज के साथ अपडेट या सुधार के लिए दोबारा आवेदन करना होता है। हालांकि, PAN नंबर वही रहता है। अगर बच्चा 18 का हो गया है और अब तक उसका PAN नहीं है तो यह है प्रक्रिया।
ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स
-पहचान के लिए: आधार कार्ड, वोटर ID, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस
-पते के लिए: आधार कार्ड, बिजली बिल, बैंक स्टेटमेंट, पासपोर्ट
जन्म तिथि के लिए: बर्थ सर्टिफिकेट, पासपोर्ट, 10वीं का सर्टिफिकेट, ड्राइविंग लाइसेंस
नोट: 1 अप्रैल 2026 के बाद से जन्म तिथि के लिए आधार मान्य नहीं है।
-फोटो, ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर की भी ज़रूरत होगी।
इस तरह बनेगा: इसे किसी एजेंट या फिर ऑनलाइन पोर्टल के जरिए बनवाया जा सकता है।
ऑनलाइन प्रक्रिया
इसके लिए दो ऑनलाइन पोर्टल हैं
-utiitsl.com और proteantech.in/services/pan के जरिए नए PAN के लिए अप्लाई कर सकते हैं।
-ऑनलाइन फॉर्म पूरा करने के बाद डाउनलोड किए गए फॉर्म का प्रिंट निकालें, उस पर फोटो चिपकाएं, PAN acknowledgment फॉर्म पर साइन करें और सभी ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स के साथ फिजिकल कॉपी नीचे बताए स्थान पर भेजें।
-अगर Utiitsl से अप्लाई किया है तो इसे अपने रीजनल जोनल ऑफिस के पते पर भेजें। इसके चार जोनल ऑफिस मुंबई, नई दिल्ली, चेन्नई और कोलकाता में हैं।
-अगर Protean के जरिए आवेदन किया है तो उसे नीचे दिए पते पर भेजें।
Protean eGov Technologies Limited, Income Tax PAN Services Unit, 4th Floor, Sapphire Chambers, Baner Road, Baner, Pune-411045.
कितना समय: करीब 10 दिनों में आपके ईमेल एड्रेस पर आ जाता है। फिजिकल रूप से पते पर आने में ज्यादा समय लगता है।
नोट: इसकी सरकारी फीस 107 रुपये है।
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4. बैंक अकाउंट: पैसों के लेनदेन के लिए ज़रूरी
वैसे तो 10 साल से कम उम्र के लिए और 10 से 18 साल की उम्र वालों के लिए भी बैंक अकाउंट खुलवाया जा सकता है, जिसके लिए अलग-अलग नियम होते हैं, लेकिन 18 साल का होने के बाद वह अकाउंट सामान्य सेविंग्स अकाउंट में बदल जाता है।
-इसके लिए KYC (PAN, आधार, साइन) अपडेट कराना ज़रूरी होता है।
-18 से पहले तक जहां अकाउंट पर पैरंट्स का कंट्रोल होता है, वहीं 18 की उम्र के बाद अकाउंट के सारे अधिकार मिल जाते हैं।
अगर नया अकाउंट खुलवा रहे हैं तो
-पास के बैंक की ब्रांच पर जा सकते हैं या फिर उस बैंक की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन अकाउंट खुलवा सकते हैं।
– इसके लिए बैंक ब्रांच में या ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा।
-KYC के लिए डॉक्यूमेंट देने होंगे।
-फोटो और साइन करने होंगे।
-बैंक के नियम के मुताबिक शुरुआती जमा यानी पैसे जमा करवाने होंगे।
-वेरिफिकेशन के बाद अकाउंट चालू हो जाएगा।
-इसके बाद डेबिट कार्ड, पासबुक/चेकबुक ब्रांच से मिल जाएगी।
ये डॉक्यूमेंट ज़रूरी
पहचान के लिए: आधार, पैन कार्ड, वोटर ID, पासपोर्ट
पते के लिए: आधार, बिजली/पानी का बिल, राशन कार्ड, पासपोर्ट
नोट: पैन कार्ड ज़रूरी है। अगर नहीं है तो फॉर्म 60 भरना होगा
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5. ड्राइविंग लाइसेंस: बिना DL नहीं चला सकते वीइकल
गाड़ी चलाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस (DL) बेहद ज़रूरी डॉक्यूमेंट है। इसे 18 साल का होने के बाद ही बनवाया जा सकता है। इसके लिए parivahan.gov.in पर जाकर लर्नर लाइसेंस के लिए अप्लाई करना होगा।
-लर्नर लाइसेंस दो तरह से बनते हैं। पहला- ekyc जो आधार कार्ड से बनता है वहीं दूसरे के लिए RTO ऑफिस जाना होता है।
-दूसरा तरीका अमूमन उनके लिए होता है, जिनके पास आधार नहीं है।
-आधार है तो लर्नर लाइसेंस के लिए वेबसाइट पर अप्लाई करने के बाद कुछ मिनट का एक विडियो देखना होता है। विडियो में ट्रैफिक रूल्स बताए जाते हैं। उसके बाद ऑनलाइन टेस्ट होता है। इसमें 15 सवाल पूछे जाते हैं और टेस्ट पास करने के लिए 9 सवालों के सही जवाब देना ज़रूरी है।
-LMV और टू वीलर के लिए ऑनलाइन फीस जमा होती है।
-अगर कम से कम 9 सवालों के सही जवाब दे देते हैं तो उसी समय लर्नर लाइसेंस जेनरेट हो जाता है। उसकी PDF कॉपी मिल जाती है।
-अगर टेस्ट पास नहीं कर पाए तो 50 रुपये की फीस देकर दोबारा टेस्ट दे सकते हैं।
6 महीने का समय
-एक लर्नर लाइसेंस 6 महीने के लिए वैलिड होता है। लर्नर लाइसेंस बनवाने के एक महीने बाद से 6 महीने बाद तक परमानेंट लाइसेंस के लिए अप्लाई कर सकते हैं।
-परमानेंट लाइसेंस बनवाने के लिए parivahan.gov.in पर ही अप्लाई करना होगा। इस दौरान लर्नर लाइसेंस का नंबर पूछा जाएगा। फिर LMV और टू वीलर के लिए शुल्क देना होगा।
-ऑनलाइन अप्लाई करने के बाद बायोमेट्रिक देने के लिए RTO कार्यालय जाना होगा। इसके बाद ड्राइविंग टेस्ट सरकारी सेंटर पर टेस्ट देना होगा। वहां पास होने के बाद करीब 15 दिन में परमानेंट लाइसेंस पोस्ट के जरिए घर पहुंच जाएगा।
इतना आता है खर्च : दिल्ली में एक वाहन के लिए 500 और दो वाहन यानी टू वीलर और LMV के लिए 950 रुपये शुल्क लगता है, जबकि परामनेंट लाइसेंस के लिए 400 रुपये देने होते हैं। ध्यान रहे कि हर राज्य के लिए यह फीस अलग-अलग होती है।
16 की उम्र में भी लाइसेंस: अमूमन DL बनवाने के लिए कम से कम 18 साल की उम्र होना ज़रूरी है, लेकिन 50CC का वाहन है और उसके लिए लाइसेंस चाहते हैं तो 16 साल की उम्र में भी अप्लाई किया जा सकता है।
गियरलेस के लिए भी लाइसेंस ज़रूरी: कई बार बच्चों को स्कूटी देते समय पैरंट्स यह सोच लेते हैं कि गियरलेस गाड़ी है तो DL की ज़रूरत नहीं है, लेकिन यह गलत है। कोई भी गाड़ी जिसकी रफ्तार 30 किमी प्रति घंटे से ज्यादा हो सकती है उसे चलाने के लिए DL ज़रूरी है ।
पासपोर्ट :- पासपोर्ट आपका पहचान और राष्ट्रीयता का प्रमाण है।इसे भारत सरकार जारी करता है।यह यात्रा दस्तावेज़ है, जिससे आप विदेश जा सकते हैं।⸻
पासपोर्ट बनवाने के लिए जरूरी दस्तावेज़—आधार कार्ड / पहचान पत्र, जन्म प्रमाण पत्र (या 10वीं की मार्कशीट), पता प्रमाण (बिजली बिल, बैंक पासबुक आदि), पासपोर्ट साइज फोटो
आवेदन के लिए— Passport Seva की वेबसाइट पर जाएँ, नया अकाउंट बनाएं और (Register) करे पासपोर्ट के लिए ऑनलाइन फॉर्म भरें, फीस जमा करें, अपॉइंटमेंट बुक करें,पासपोर्ट सेवा केंद्र (PSK) जाकर दस्तावेज़ वेरिफिकेशन कराये। इसकी फ़ीस सामान्य पासपोर्ट (36 पेज): लगभग ₹1500, तत्काल(Urgent): लगभग ₹3500
इसमें सामान्य में 2–4 हफ्ते और तत्काल में 3–7 दिन लगता है।
कृपया यह डॉक्यूमेंट सभी लोग बनवा लें।
धन्यवाद 🙏