गोण्डा : मनकापुर स्थित एक प्राइमरी स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक को महिला शिक्षकों के साथ अभद्र व्यवहार और अश्लील बातचीत करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। महिला शिक्षकों ने आरोपित प्रधानाध्यापक के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन और उत्तर प्रदेश महिला आयोग से शिकायत की थी।

- वित्तीय वर्ष 2026-27 में बेसिक शिक्षा निदेशालय द्वारा नियुक्त शिक्षा मित्रों के मानदेय भुगतान के लिए धन आवंटित किया गया
- इस राज्य में में भी जनगणना कार्य में मार्क ऑन ड्यूटी, देखें आदेश
- 18 महीने का कोरोना काल का बकाया एरियर जल्द देंगे-वित्त मंत्री
- इलाहाबाद हाई कोर्ट की डबल बेंच ने समायोजन 3 को त्रुटिपूर्ण मानते हुए फिर से समायोजन करने का ऑर्डर दिया। 30 अप्रैल 2026 की छात्र संख्या पर होगा समायोजन, देखें
- UPSSSC फॉरेस्ट गार्ड भर्ती 2026 का विज्ञापन जारी
महिला शिक्षकों का आरोप है कि प्रधानाध्यापक रात में फोन पर बात करने का दबाव डालते थे और मना करने पर धमकी देते थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कार्यालय में बुलाकर वे गलत इशारे करते थे, अश्लील भाषा का प्रयोग करते थे और जबरदस्ती छूने की कोशिश करते थे।
शिक्षिकाओं ने बताया कि आरोपी प्रधानाध्यापक उनसे कहते थे, “बच्चों को पढ़ाने की जरूरत नहीं,महिला शिक्षकों का आरोप है कि प्रधानाध्यापक रात में फोन पर बात करने का दबाव डालते थे और मना करने पर धमकी देते थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कार्यालय में बुलाकर वे गलत इशारे करते थे, अश्लील भाषा का प्रयोग करते थे और जबरदस्ती छूने की कोशिश करते थे।
शिक्षिकाओं ने बताया कि आरोपी प्रधानाध्यापक उनसे कहते थे, “बच्चों को पढ़ाने की जरूरत नहीं,शासन के इस सख्त कदम से महिला शिक्षकों ने राहत की सांस ली है। मामले की जांच के बाद दोषी पाए जाने पर आरोपी के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।