हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर एक पत्र वायरल हो रहा है, जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि जनगणना कार्य में लगे कर्मियों/शिक्षकों को अवकाश के दिनों में काम करने के बदले “अर्जित अवकाश” दिया जाएगा।
🔎 *सच्चाई क्या है?*
यह पत्र दिल्ली के Directorate of Economics & Statistics द्वारा जारी एक forwarding letter है, जिसमें Akhil Delhi Prathmik Shikshak Sangh की मांग को केवल आगे संबंधित विभाग (Census Office) को भेजा गया है।
➡️ इसमें कहीं भी अवकाश स्वीकृत होने का कोई आदेश नहीं है।
❗ *क्या समझें?*
– यह केवल मांग (representation) को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया है
– इसे मंजूरी (approval) मानना गलत है
📌 नियम और पूर्व प्रचलन:
जनगणना कार्य के लिए आमतौर पर:
– अलग से मानदेय/परिश्रमिक दिया जाता है
– इसे सरकारी ड्यूटी माना जाता है
➡️ ऐसे में उसी कार्य के लिए क्षतिपूरक अवकाश (Compensatory Leave) देना सामान्यतः नियमों के अनुरूप नहीं होता।
✅ *निष्कर्ष* :
यह खबर भ्रामक (misleading) है।
अभी तक अर्जित अवकाश देने का कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है।