विधान परिषद सभापति ने समुचित जवाब नहीं मिलने पर चार मार्च को फिर से अपने कक्ष में माध्यमिक शिक्षा निदेशक एवं रायबरेली के डीआईओएस को तलब किया है। दोनों अधिकारियों को चार मार्च को दोपहर चार बजे माध्यमिक शिक्षा विभाग के सचिव अथवा विशेष सचिव के साथ सभापति के कक्ष में उपस्थित होने को कहा गया है।
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दरअसल, सदन को गलत सूचना देने के आरोप में माध्यमिक शिक्षा निदेशक व रायबरेली के डीआईओएस को विधान परिषद सभापति ने मंगलवार को अपने कक्ष में तलब किया था। दोनों अधिकारी आज सभापति के समक्ष शाम चार बजे उपस्थित हुए और अपनी बात रखी लेकिन सभापति द्वारा यह पूछे जाने पर कि पीठ से तीन-तीन बार आदेश दिए जाने के बाद भी उसका अनुपालन क्यों नहीं किया गया। इसका समुचित जवाब दोनों अधिकारियों की ओर से नहीं मिलने पर सभापति ने चार मार्च को फिर से दोनों को तलब किया है।
यह है मामला
रायबरेली के वसी नकवी नेशनल इंटर कालेज में 30 सितम्बर 1992 को प्रवक्ता (संस्कृत) के पद पर नियुक्त प्रदीप कुमार को 21 मई 2022 को निलम्बित कर दिया गया था। रायबरेली के जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआओएस) द्वारा निलम्बन का पहले अनुमोदन कर दिया गया और फिर बाद में अनुमोदन को वापस ले लिया गया। इस दौरान 21 माह से प्रदीप को वेतन का भुगतान तक नहीं किया जा रहा है। 6 फरवरी 2024 को सदन में जब इस मामले को उठाया गया तब माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री द्वारा कहा गया कि फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्रों के आधार पर कूटरचित तरीके से नौकरी प्राप्त की गई थी। उनसे रिकवरी करने के निर्देश जारी करने वाले हैं। दो सालों में सदन में चार बार उठ चुके इस प्रकरण को शुक्रवार को शिक्षक दल के ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने फिर से उठाया था