सिद्धौर ब्लॉक क्षेत्र के कई पंचायतों में सफाई व्यवस्था की स्थिति गंभीर बनी हुई है। बावजूद इसके कि जिले के अधिकारी गांवों को स्वच्छ और सुंदर रखने के लिए भरसक प्रयास कर रहे हैं, कुछ लापरवाह विभागीय अधिकारियों के कारण पंचायतों में स्वच्छता पर सौतेला व्यवहार अपनाया जा रहा है। इसका ताजा उदाहरण सैदपुर पोराई और पूरेजमादारपुरवा के विद्यालय परिसर में देखने को मिल रहा है, जहां सफाईकर्मी तैनात होने के बावजूद गंदगी का अंबार लगा हुआ है।

- UP Board Result 2026 Date : यूपी बोर्ड 10वीं 12वीं रिजल्ट कल होगा घोषित, जानिए कितने बजे रिजल्ट होगा जारी , देखें आदेश
- ब्रेकिंग न्यूज़ : NPS पेंशनर्स को मिलेगा Fixed Medical Allowance (FMA), सरकार का नया आदेश जारी
- शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाकर 30 से 35 हजार रुपये प्रतिमाह किए जाने की मांग, प्रदेश अध्यक्ष ने सीएम को भेजा पांच सूत्रीय मांगपत्र
- जनगणना में आपकी ड्यूटी कहाँ लगी है। यह जानने के लिए सबसे पहले आप अपने मोबाइल में करें यह काम….
- फर्जी शिक्षक की नौकरी पाने वाला बर्खास्त, यूपीटीईटी का अंकपत्र निकला फर्जी
यहां के शिक्षक, शिक्षामित्र और रसोईयां खुद सफाई का काम कर रहे हैं। विशेषकर सैदपुर पोराई (पड़रावां) के प्राथमिक विद्यालय का हाल बदतर है। शनिवार को विद्यालय परिसर में पतझड़ के कारण पेड़ों से गिरे पत्ते हर जगह फैले हुए थे। प्रधानाध्यापिका आकृति साहू स्वयं झाड़ू लेकर सफाई करती मिलीं। उनके साथ शिक्षामित्र संदीप सिंह और रसोईया फूलकली व चांदनी भी सफाई में सहयोग कर रहे थे। इनकी सफाई के बाद ही शिक्षण कार्य शुरू हो सका।
यहां के शिक्षक और अन्य कर्मचारी पिछले दो वर्षों से खुद सफाई का काम कर रहे हैं, क्योंकि विभागीय अधिकारियों से बार-बार शिकायत करने के बावजूद सफाईकर्मी की तैनाती नहीं हो सकी। प्रधानाध्यापिका आकृति साहू ने बताया कि पिछले दो वर्षों से विद्यालय की सफाई स्वयं करनी पड़ रही है। इस संबंध में बार-बार सफाईकर्मी भेजने की मांग की गई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल पाया।
पड़रावां पंचायत के प्रधान प्रतिनिधि कौशलेंद्र सिंह ने बताया कि इस पंचायत में छह परिषदीय विद्यालय और पंचायत भवन सहित कई सरकारी भवन हैं, जिनकी सफाई के लिए केवल दो सफाईकर्मी उपलब्ध हैं। इस पंचायत की आबादी लगभग 8000 है, जिनमें से 4700 वोटर हैं। पहले यहां पांच सफाईकर्मी तैनात थे, लेकिन अब उनकी संख्या घटकर केवल दो रह गई है। कई बार अधिकारियों से सफाईकर्मियों की संख्या बढ़ाने की मांग की गई, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
इस पर एडीओ पंचायत सिद्धौर उमेश कुमार पटेल ने बताया कि वर्तमान में अधिकांश सफाईकर्मी बोर्ड परीक्षा के केंद्रों की सफाई में व्यस्त हैं, जिसके कारण पंचायतों में सफाई कर्मियों की कमी हो रही है।