rampur, जिले के कई परिषदीय विद्यालयों में गुरुवार को गर्मी के चलते बच्चों की हालत बिगड़ गई। बच्चों की तबियत बिगड़ते ही परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों में खलबली मच गई। तबियत बिगड़ने से करीब आधा दर्जन बच्चे गर्मी से बेहोश हो गए। इसके चलते अभिभावकों व स्कूलों के शिक्षक घबरा गए। शिक्षकों ने प्राथमिक उपचार के बाद बच्चों की हालत सामान्य होने पर अभिभावकों के साथ घर भेज दिया। रोजाना की तरह विद्यालय परिसर में बच्चे कमरों में बैठकर पढ़ाई कर रहे थे। भीषण गर्मी के चलते बच्चों की तबियत बिगड़ने लग गई। धीरे-धीरे बच्चे कक्षाओं में गर्मी के चलते घबराने लगे और कुछ बच्चे बेहोश हो गए जबकि कुछ बच्चों की नाक से खून आने लगा।

- Old order : प्र०अ० को सरप्लस घोषित कर समायोजित करने पर मा० न्यायालय द्वारा अगली सुनवाई तक लगाई गई रोक, कोर्ट ऑर्डर देखें
- बेसिक में कहीं जूनियर शिक्षक का तबादला तो कहीं सीनियर का….. बड़े अफसर मौन
- सरप्लस सूची में नाम आने पर शिक्षक ने BSA को भेजा आपत्ति पत्र, जबरन समायोजन पर दें BSA को यह
- हेड/वरिष्ठ शिक्षक को सरप्लस दिखाने पर BSA को दें यह आपत्ति पत्र, समायोजन प्रक्रिया पर दें यह एप्लीकेशन
- LT ग्रेड मुख्य परीक्षा 2025: अंग्रेजी विषय की परीक्षा 17 मई को प्रयागराज में होगी आयोजित, आयोग ने जारी किए निर्देश
इस नजारे को देखते ही विद्यालय में तैनात शिक्षक घबरा गए। इस दौरान पीएम श्री मुंडिया खेड़ा की कक्षा तीन की मंशी और बुलबुल,प्राथमिक विद्यालय नरेंद्रपुर में एक बच्चे की नाक से खून आने लगा तो वहीं प्राथमिक विद्यालय कानून गोयान में भी एक छात्र की भी नाक से खून आने लगा, शाहबाद के प्राथमिक विद्यालय में भी एक बच्चे की नाक से खून आया। अभिभावकों को जैसे ही बच्चों के तबियत बिगड़ने की सूचना मिली तो सूचना पाकर अभिभावक भी स्कूल पहुंच गए। स्कूल पहुंचकर अभिभावकों ने गर्मी को देखते हुए बच्चों को संभाला और अपने साथ घर लेकर आ गए। पीएम श्री मुंडिया खेड़ा के प्रधानाचार्य छत्रपाल ने बताया कि अत्यधिक गर्मी के कारण छात्राओं की तवियत खराब हो गई थी। स्कूल में ही हाथ से हवा करने के बाद छात्राओं के होश में आने के बाद अभिभावक के साथ भेज दिया।
शिक्षक संघ कई बार जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन देकर स्कूलों का समय परिवर्तन करने की मांग कर चुका है। संघ ने ज्ञापन में मांग की थी कि परिषदीय विद्यालय में अत्यधिक गर्मी (हीट बेव) के कारण विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने के आशंका के मद्देनजर विद्यालयों का समय सुबह 07:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक किया जाए। साथ ही कहा था कि विद्यालयों में गर्मी से बचने के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं है विद्यालय समय में बिजली आपूर्ति भी ठीक प्रकार से नहीं हो पाती है। कई बार ज्ञापन देने के बाद भी कोई कार्यवाई नहीं हुई। इसका नतीजा रहा कि भीषण गर्मी में कई बच्चों की हालत खराब हो गई। गर्मी में स्वास्थ्य खराब होने के बाद अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने से कतराने लगे हैं।
गर्मी के कारण बच्चें बेहोश हो गए थे। सभी का स्वास्थ्य ठीक है। साथ ही शुक्रवार से स्कूलों के समय में परिवर्तन किया जा रहा है।
– राजेंद्र सिंह, बीईओ