लखनऊ, प्रमुख संवाददाता। विश्वविद्यालयों व डिग्री कॉलेजों में शिक्षक भर्ती में अभ्यर्थियों को ‘नॉट फाउंड सुटेबिल’ (एनएफएस) यानी उपयुक्त नहीं पाया गया दिखाकर पद रिक्त छोड़े जाने को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। उच्च शिक्षा विभाग व विश्वविद्यालयों की इस व्यवस्था को खत्म किए जाने की मांग अभ्यर्थियों के साथ ही अब समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण की ओर से भी उठाई गई है।
मंगलवार को उनके नेतृत्व में एक

समाज कल्याण मंत्री ने उच्च शिक्षा मंत्री से किया आग्रह बोले उच्च शिक्षण संस्थानों में आरक्षित श्रेणी को नुकसान
प्रतिनिधिमंडल ने उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय से मुलाकात की। समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण ने कहा कि योग्य अभ्यर्थियों को बिना स्पष्ट कारण बताए एनएफएस घोषित कर दिया जाता है। जिसके कारण आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थियों को सबसे अधिक नुकसान हो रहा है।