लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) ने सभी प्रकार के जहर की जानकारी और उनके प्राथमिक इलाज के लिए विष सूचना केंद्र शुरू किया है। इस केंद्र के फोन नंबर 8887624287 पर कॉल करके किसी भी प्रकार के जहर और उसके प्राथमिक इलाज के संबंध में जानकारी ली जा सकती है।
केजीएमयू के फोरेंसिक मेडिसिन एंड टॉक्सिकोलॉजी विभाग की ओर से उत्तर भारत की पहली टॉक्सिकोलॉजी लैब शुरू हुई है। लैब प्रभारी डॉ. शिऊली राठौर ने बताया कि इस लैब में सामान्य रूप से मिलने वाले कीटनाशक और दवाओं के ओवरडोज की जांच होती है। इसके लिए मरीज के खून, पेशाब या फिर गैस्ट्रिक लवाज के सैंपल की जरूरत होती है। गैस्ट्रिक लवाज वह प्रक्रिया होती है, जिसमें एक प्रकार से पेट को धोया जाता है।

जहर के मामलों में मार्गदर्शन के साथ ही प्राथमिक इलाज की दी जा रही है जानकारी
उन्होंने बताया कि प्रयोगशाला में सैंपल
आने के बाद एक घंटे में जांच रिपोर्ट आ जाती है। इस तरह से मरीजों को जल्द से जल्द एंटीडोट (विषनाशक) देकर उनकी जान बचाना आसान होता है। लैब के अंतर्गत अब विष सूचना केंद्र की शुरुआत की गई है। केंद्र पर 24 घंटे में कभी भी फोन करके जानकारी ली जा सकती है। पूछा जा सकता है कि गलती से खाने पर कौन से पदार्थ नुकसानदायक हो सकते हैं और कौन से नहीं।
आपात स्थिति में क्या करें, क्या नहीं
डॉ. शिऊली राठौर ने बताया कि जानकारी के अभाव में कई बार लोग विषाक्त पदार्थ खाने वाले या जहर के मामलों में प्राथमिक उपचार देने की कोशिश में गलत करते हैं, जिससे मरीज की जान पर बन आती है। ऐसे मामलों में इन बातों का ध्यान रखें।
विषैला खाने पर पीड़ित को उल्टी करवाने का प्रयास न करें। बेहतर होगा कि मरीज को बाएं करवट लेटाकर और सिर ऊंचा करके जल्द से जल्द नजदीकी अस्पताल ले जाएं।
उल्टी करवाने में असावधानी बरतने पर कई बार उल्टी पीड़ित की सांस की नली में फंस जाती है। इससे उसकी जान को खतरा हो जाता है।
सांप काटने पर खून निकालकर जहर निकालने का प्रयास न करें। इसके बजाय पीड़ित का सिर शरीर के बाकी हिस्से से थोड़ा ऊंचाई पर रखकर कम से कम हिलाए-डुलाए बिना अस्पताल लेकर जाएं।
फोन करने पर मांगी जाएंगी ये जानकारियां
पीड़ित से जुड़ी सामान्य जानकारी जैसे उम्र, वजन आदि।
जहर (दवा, कीटनाशक, अन्य पदार्थ) के सेवन की मात्रा।
जहर खाने के बाद बीता हुआ समय, लक्षण आदि।
इन मामलों में उपयोगी है लैब
बच्चे कभी कुछ भी खा लेते हैं। ऐसे में जानकारी ली जा सकती है कि वह नुकसानदायक है या नहीं।
कीटनाशक निगलने पर लक्षण के आधार पर उसका प्राथमिक उपचार।
सर्पदंश के मामले में जानकारी।
नशीली दवाओं और नींद गोली खाने पर खतरे की स्थिति की जानकारी।