लखनऊ। मोहनलालगंज के उतरावां बेसिक विद्यालय में 29 शिक्षकों की तैनाती के बाद भी यहां नामांकन दर कैसे घटती गई और वर्तमान में बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता क्या है, इसकी जांच की जाएगी। बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता परखने के लिए जिला एवं प्रशिक्षण संस्थान निशातगंज (डायट) प्राचार्य को बीएसए ने मंगलवार को पत्र भेजा है।

खंड शिक्षा अधिकारी की रिपोर्ट पर बीएसए ने डायट
प्राचार्य अजय लिखकर आग्रह किया है कि उतरावां में 29 शिक्षकों की तैनाती के बाद भी नामांकन संख्या कैसे घटी? वर्तमान में पढ़ रहे बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता क्या है? इसकी जांच प्रवक्ताओं से करवाई जाए। बता दें कि यहां मौजूदा नामांकन संख्या बीईओ ने 400 बताई है। इससे पहले यह 600 हुआ करती थी। नामांकन घटना कहीं न कहीं खराब शैक्षिक गुणवत्ता की ओर इशारा करता है।
बीएसए ने मंगलवार को साफ कर दिया कि शिक्षकों ने मेडिकल अवकाश तब आवेदन किया जब बिना सूचना के अनुपस्थित पाए गए। ऐसे में मेडिकल अवकाश मंजूर नहीं किया जा सकता है।
ये शिक्षक मिले थे अनुपस्थित आज देंगे जवाब
बीईओ सुशील कुमार के मुताबिक निरीक्षण में प्रधानाध्यापक स्वदेश कुमार अग्निहोत्री, सहायक अध्यापक दीप माला, रूचि खत्री, श्रुति कीर्ति शुक्ला, पंकज शुक्ला, प्रवेंद्र कुमार यादव, चंद्र प्रकाश, राम प्रकाश, अनूप कुमार, चिंता देवी, हरि प्रसाद, अनुपमा मिश्रा, अंजली सिंह, रश्मि पांडेय, स्वाती सैनी, रेनू जोशी, सुप्रिया, ऋचा सिंह, दुर्गा रानी, नीलम पाठक, अर्चना पांडेय, सीमा वर्मा, मनोरमा को अनुपस्थित पाया गया था। इसमें छह शिक्षकों ने जवाब दिया है। बाकी अपना जवाब बुधवार को देंगे।
शिक्षकों के पास ऑनलाइन अवकाश लेने का विकल्प है। इसके बाद भी बिना सूचना के 23 शिक्षक गायब मिले। इससे साफ है कि साजिश रचकर लापरवाही की गई। राम प्रवेश, बीएसए