लखनऊ: समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण और दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभागों की छात्रवृत्ति योजनाओं के एकीकरण के जरिये लाभार्थियों को बड़ी राहत देने की तैयारी चल रही है। एकीकरण के लिए तैयार की जा रही रूपरेखा में छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने वाले छात्रों को एक यूनीक आइडी या एनरोलमेंट नंबर देने का प्रस्ताव भी शामिल है। इससे छात्र को एक बार आवेदन करने के बाद अगले वर्ष उसी आइडी नंबर से छात्रवृत्ति का लाभ मिल सकेगा। इससे छात्रों की परेशानी तो कम होगी ही, विभाग को भी एक ही छात्र का बार-बार सत्यापन करने की प्रक्रिया पूरी नहीं करनी पड़ेगी।

प्रदेश में समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण और दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभागों की ओर से हर साल पूर्वदशम और दशमोत्तर छात्रवृत्ति प्रदान की जाती हैं। इन विभागों की योजनाओं में पात्रता
छात्रों को पंजीकरण के समय ही यूनीक आइडी नंबर देने का प्रस्ताव
एक बार सत्यापन के बाद दूसरे साल विभाग को नहीं करानी पड़ेगी जांच
आदि के मानकों में भी अंतर है। योजनाओं में एकरूपता लाने के लिए तीनों विभाग मिलकर रूपरेखा तैयार कर रहे हैं। जुलाई माह में हुई तीनों विभागों के मंत्रियों की बैठक में प्रत्येक वर्ष आवेदन की बाध्यता, विलंबित परीक्षा परिणाम, विभिन्न वर्गों के लिए अलग-अलग मानक, निजी विश्वविद्यालय द्वारा खुद फीस निर्धारण और प्रदेश के बाहर पढ़ने वाले छात्रों की छात्रवृत्ति से जुड़ी हुई समस्याओं के समाधान के साथ प्रस्ताव तैयार करने पर सहमति बनी थी। कहा गया कि तीनों विभागों में छात्रवृत्ति के आवेदन की प्रक्रिया को एक समान किया जाएगा और इसके लिए एक एकीकृत पोर्टल
व डिजिटल निगरानी तंत्र भी विकसित किया जाएगा।
वर्तमान व्यवस्था में छात्रवृत्ति पाने के लिए सभी छात्रों को हर साल आवेदन करना होता है। इसके चलते कई बार बहुत से वे छात्र भी लाभ से वंचित रह जाते हैं, जिनकों पूर्व वर्ष में छात्रवृत्ति मिल चुकी होती है। अब प्रस्ताव तैयार किया गया है कि एकीकृत पोर्टल विकसित करने के बाद छात्रों को पहली बार पंजीकरण के समय ही यूनीक आइडी नंबर दिया जाएगा और छात्र अपनी पूरी पढ़ाई के दौरान बिना अगली बार आवेदन किए उसी नंबर से अपनी छात्रवृत्ति प्राप्त कर सकेगा। इसके अलावा एकीकृत व्यवस्था में मोबाइल एप, रियल टाइम नोटिफिकेशन और दस्तावेजों की आनलाइन जांच जैसी सुविधाएं रहेंगी। छात्रों की वास्तविक उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए फेस रिकाग्निशन आधारित प्रणाली भी लागू की जाएगी।