1. ज्ञानवान होना – विषय का गहरा ज्ञान और निरंतर अध्ययन करना।
2. स्पष्ट भाषण – पढ़ाते समय सरल, स्पष्ट और समझने योग्य भाषा का प्रयोग करना।

3. धैर्यवान – बच्चों की गलतियों को सहन करना और उन्हें सुधारने का अवसर देना।
4. न्यायप्रिय – सभी छात्रों के साथ समान व्यवहार करना।
5. प्रेरणादायी – बच्चों को पढ़ाई, नैतिकता और जीवन मूल्यों की ओर प्रेरित करना।
6. सहानुभूति रखने वाला – छात्रों की समस्याओं को समझना और उनका समाधान करना।
7. अनुशासनप्रिय – खुद अनुशासित रहना और छात्रों को भी अनुशासन का पालन करना सिखाना।
8. रचनात्मक और नवोन्मेषी – नए-नए तरीकों से पढ़ाने की कोशिश करना।
9. ईमानदारी और समर्पण – अपने कर्तव्यों को निष्ठा से निभाना।
10. उत्साह और सकारात्मक सोच – हमेशा प्रसन्नचित्त रहकर बच्चों को पढ़ाना।