माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। प्रदेश के राजकीय और निजी जीएनएम कॉलेजों में प्रवेश को लेकर शनिवार को महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी अब सरकारी कॉलेजों और गैर-संबद्ध निजी कॉलेजों की प्रवेश परीक्षा कराएगी। वहीं, निजी मेडिकल यूनिवर्सिटी अपने संबद्ध कॉलेजों में दाखिले की जिम्मेदारी संभालेंगी।
यह निर्णय अटल यूनिवर्सिटी की प्रवेश समिति की बैठक में लिया गया। बैठक में कुलपति डॉ. अमित देवगन, डीन डॉ. अशोक विश्नोई, परीक्षा नियंत्रक डॉ. देवाशीष शुक्ला और स्टेट मेडिकल फैकल्टी के सचिव डॉ. अनुराग श्रीवास्तव
कुलपति की अध्यक्षता में हुई प्रवेश समिति की बैठक में फैसला
शामिल हुए। प्रदेश में 10 सरकारी जीएनएम कॉलेजों में 513 सीटें उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त, 433 निजी कॉलेजों में 20245 जीएनएम सीटें हैं।
परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि सभी जीएनएम कॉलेज स्टेट मेडिकल फैकल्टी से संबद्ध हैं। शैक्षिक सत्र 2025-26 में अटल यूनिवर्सिटी ने सरकारी और निजी दोनों कॉलेजों के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा आयोजित की थी। शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश परीक्षा के नियमों में यह बदलाव किया गया है। सफल अभ्यर्थियों को गृह जनपद में प्रवेश के लिए वरीयता दी जाएगी। प्रवेश परीक्षा
की शुचिता बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। कॉलेजों में गुणवत्तापरक शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार मानकों की जांच की जा रही है। प्रवेश परीक्षा की तारीख और दाखिले का कार्यक्रम जल्द ही घोषित किया जाएगा।
प्रदेश में 10 सरकारी जीएनएम कॉलेज हैं, जिनमें 513 सीटें हैं। 433 निजी कॉलेजों में 20245 जीएनएम सीटें उपलब्ध हैं। सभी जीएनएम कॉलेज स्टेट मेडिकल फैकल्टी से संबद्ध हैं। नए नियम के तहत, जो निजी कॉलेज किसी अन्य मेडिकल यूनिवर्सिटी से संबद्ध नहीं हैं, उनकी प्रवेश परीक्षा भी अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी ही कराएगी।