लखनऊ। प्रशासन ने जनगणना में दो कैंसर पीड़ित समेत आधा दर्जन दिव्यांग शिक्षकों की ड्यूटी लगा दी है। दो दर्जन से अधिक स्कूलों के सभी शिक्षकों व शिक्षामित्रों की ड्यूटी लग गई। इनका प्रशिक्षण शुरू होने से स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई का संकट गहरा गया है। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ ने डीएम, जनगणना अधिकारी व बीएसए से शिकायत कर बीमार व दिव्यांग समेत सभी स्कूलों के शिक्षकों को ड्यूटी से मुक्त किये जाने की मांग उठाई है।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सुधांशु मोहन और मंत्री वीरेन्द्र सिंह का कहना है कि जनगणना में दो दर्जन से अधिक स्कूलों के प्रधानाध्यापाक, प्रभारी प्रधानाध्यापक और शिक्षकों व शिक्षामित्रों की ड्यूटी
लगी है। डीएम, जनगणना अधिकारी व बीएसए को भेजे पत्र में कहा कि है कि दिव्यांग और कैंसर पीड़ित शिक्षकों और जिन स्कूलों के सभी शिक्षकों की ड्यूटी लगायी गई है। उन्हें ड्यूटी से मुक्त किया जाए। असाध्य रोगों से पीड़ित और दिव्यांग शिक्षकों ने क्षेत्रीय बीईओ को भेजे शिकायती पत्र में जनगणना से
ड्यूटी हटाने का आग्रह किया है। इनकी ड्यूटी स्कूल से दूर के इलाके में लगाई गई। ऐसे में ये शिक्षक इन क्षेत्रों में जाकर जनगणना करने में असमर्थ हैं। वहीं बीएसए विपिन कुमार का कहना है कि अभी किसी की ड्यूटी नहीं लगी है। कैंसर पीड़ित और दिव्यांग शिक्षकों को जनगणना से मुक्त रखा जाएगा।
प्रशिक्षण में लापरवाही पर 21 पर एफआईआर होगी
नगर निगम जोन-3 में चल रहे जनगणना प्रशिक्षण के दूसरे दिन अनुपस्थित रहने वाले 21 कर्मचारियों पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रशिक्षण में गैरहाजिर रहने वाले सुपरवाइजर और प्रगणकों के खिलाफ जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 11 के तहत एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। वहीं जिलाधिकारी विशाख जी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में हुई बैठक में स्वगणना की तैयारियों, कार्ययोजना और इसके क्रियान्वय से जुड़े तकनीकी बिंदुओं पर गहन चर्चा की गई। जनगणना का पहला चरण सात से 21 मई तक संचालित होगा। इस दौरान स्वगणना होगी।