69000 सहायक शिक्षक भर्ती में 19 हजार सीटों पर हुए कथित आरक्षण घोटाला संबंधी मामला
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में 69000 सहायक शिक्षक भर्ती में 19000 सीटों पर हुए कथित आरक्षण घोटाले संबंधी मामले में राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को प्रस्ताव पेश किया है। शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार को इस पर क्रियान्वयन के लिए छह राज्य सरकार की ओर से एक हफ्ते का समय दिया है। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस एजी मसीह की पीठ के पारदर्शी मूल चयन सूची पेश करने के लिए मांगा गया समय
समक्ष मंगलवार को हुई संक्षिप्त सुनवाई में यूपी सरकार की ओर से पेश हुईं एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने बताया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के 13 अगस्त, 2024 के आदेश के अनुसार भर्ती की लिस्ट को बेसिक शिक्षा नियमावली 1981 तथा आरक्षण नियमावली 1994 के तहत मूल चयन सूची के रूप में कोर्ट में पेश किया जाएगा। भाटी ने कहा कि राज्य सरकार को यह करने के लिए 6 हफ्ते का समय दिया जाए ताकि एक पारदर्शी मूल चयन सूची सुप्रीम कोर्ट में पेश की जा सके ।
पीठ ने राज्य सरकार से पूछा कि क्या आप आरक्षण पीड़ित से याची अभ्यर्थी जिनके साथ गलत हुआ है उनको नियुक्ति देने पर विचार कर रहे हैं तो जवाब हां में मिला। सरकार के जवाब के बाद पीठ ने इस आग्रह को स्वीकार कर लिया और मामले को अब छह हफ्ते बार सूचीबद्ध करने का निर्णय लिया।