बर्खास्त शिक्षिका बोली- आवेदन में भरे थे सही अंक, फिर कार्रवाई क्यों

बदायूं। अभिलेखों और आवेदन पत्र में भरे गए अंकों में अंतर के आधार पर सोमवार को पांच शिक्षकों की बर्खास्तगी की गई थी। वहीं कुछ दिन पहले एक ओर शिक्षिका को भी बर्खास्त किया गया था। अब जिले में छह शिक्षकों की सेवा समाप्त हो चुकी है।

इनमें से बेवर जिला मैनपुरी की रहने वली शिक्षिका भावना का कहना है कि उसने फॉर्म में सही अंक भरे हैं, जो उसके मूल अभिलेखों में है। इसके बावजूद भी उनकी सेवा समाप्त कर दी है। 20 महीने से वेतन भी नहीं दिया है।

बेसिक शिक्षा विभाग में करीब पौने दो साल पहले 2058 शिक्षकों की भर्ती हुई थी। इन शिक्षकों की काउंसलिंग उस समय चार से पांच चरणों में कराई गई थी अक्तूबर 2020 में 21 शिक्षकों की काउंसलिंग कराई गई थी।

इस दौरान कुछ ऐसे शिक्षकों के नाम सामने आए, जिनके मूल अभिलेखों में दर्ज प्राप्तांक आवेदन में भरे गए नंबरों से मेल नहीं खा रहे थे। ऐसे में बीएसए ने कुछ दिन पहले शिक्षिका शिवानी की सेवा समाप्त की थी। वहीं, सोमवार को बीएसए ने अमित कुमार, सुरजीत सिंह, नंदनी बर्नवाल, होमशरण यादव और भावना को भी बर्खास्त कर दिया।

शिक्षिका भावना कुमारी ने आरोप लगाया है कि उन्हें अंकपत्र में जो नंबर मिले हैं, उन्हीं को आवेदन करते हुए भरा था। बर्खास्तगी जिस आधार पर की है, उसमें गलत नंबर दिखाए हैं। इसको लेकर बीएसए से मिली थी. लेकिन उनकी नहीं सुनी गई।

बर्खास्त किए गए अन्य शिक्षक इस कार्रवाई के विरोध में कोर्ट जाने की बात कह रहे हैं। उनका कहना कि विभागीय कार्रवाई के विरुद्ध उन्हें न्यायालय की शरण लेनी होगी। क्योंकि उनके साथ अन्याय हुआ है। एक तो कार्रवाई गलत की है और ऊपर से उन्हें वेतन नहीं।