लखनऊ। 69000 शिक्षक भर्ती के मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई नहीं हो सकी। इससे दोनों पक्ष के अभ्यर्थियों को निराशा हुई। अब दोनों पक्षों की निगाह अगली तिथि पर टिकी है। इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने 13 अगस्त को पूर्व की चयन सूची रद्द करते हुए तीन महीने में नई चयन सूची आरक्षण के नियमों के तहत तैयार करने का निर्देश दिया था। इसे लेकर चयनित अभ्यर्थी सुप्रीम कोर्ट गए थे। इस मामले में 9 सितंबर को सुनवाई हुई थी और 23 सितंबर को फिर सुनवाई होनी थी। अभ्यर्थियों ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा के न बैठने से सुनवाई नहीं हो सकी है। सुप्रीम कोर्ट में आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों की पैरवी कर रहे विजय यादव व ■ अमरेंद्र पटेल ने बताया कि सुनवाई न होने से निराश हैं। क्योंकि 4 वर्षों से हम न्याय की गुहार लगा रहे हैं। उन्होंने मांग – की कि सरकार इस मामले में सॉलिसिटर जनरल को भेजकर सुप्रीम कोर्ट से इस मामले की जल्द सुनवाई करने व मामले के निस्तारण की अपील करे। ताकि अभ्यर्थियों का भविष्य सुरक्षित किया जा सके

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