अटैचमेंट आदेश निरस्त होने के बावजूद तीन शिक्षिकाओं ने मूल स्कूल में अभी तक ज्वाइन नहीं किया है। यह सभी उसी स्कूल में बने रहने की कोशिश में हैं। बीएसए ने इनके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिये हैं। जबकि अन्य 13 शिक्षकों ने सम्बद्ध स्कूल से रिलीव होकर मूल स्कूलों में बुधवार को ही कार्यभार ग्रहण कर लिया है। एक वर्ष के लिये सम्बद्ध की गईं ये शिक्षिकाएं स्कूलों में करीब 13 वर्ष से पढ़ा रही थीं। इनमें कई अफसरों की पत्नियां हैं।

- News : आपकी बाहरी जिंदगी का आधार: अंदरूनी जिंदगी की मजबूती
- Primary ka master: 69000 शिक्षक भर्ती: म्यूचुअल ट्रांसफर आवेदन और कोर्ट केस को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी
- ARP सम्मान समारोह की मायूस तस्वीर
- अध्यापकों का इनिशियल कैडर
- भारी मांग पर : पीएम पोषण (मध्यान्ह भोजन) योजनान्तर्गत अतिरिक्त पोषक तत्व उपलब्ध कराये जाने के निमित्त फ्लैक्सी फण्ड से प्रदेश के समस्त जनपदों के छात्रों को सप्लीमेन्ट्री न्यूट्रिशन के अन्तर्गत ‘अतिरिक्त खाद्य सामग्री वितरण के संबंध में
बीएसए राम प्रवेश ने बताया कि सोमवार को जारी आदेश में इन शिक्षकों को दो दिन के भीतर मूल स्कूल में ज्वाइन करना था। तीन को छोड़कर अन्य ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है। मूल स्कूल में ज्वाइन नहीं करने वाली तीन शिक्षिकाओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। करीब एक माह पहले मानव संपदा पोर्टल पर दर्ज ब्योरे की पड़ताल में 16 शिक्षिकाओं के अटैचमेंट का मामला बीएसए ने पकड़ा था। उच्च अधिकारियों की संस्तुति पर बीएसए ने इनके अटैचमेंट निरस्त कर मूल स्कूल में जाने के निर्देश दिये थे। हालांकि इनमें कई शिक्षक हाईकोर्ट चले गए थे लेकिन वहां से राहत नहीं मिली।