चुनार (मीरजापुर) : चुनार कोतवाली क्षेत्र के फत्तेपुर कंपोजिट विद्यालय पर तैनात युवा शिक्षक वासुदेव सिंह की हृदयगति रुक जाने से मौत हो गई। घटना बुधवार दोपहर करीब डेढ़ से दो बजे के बीच हुई जब वह अपनी कक्षा में कुर्सी पर बेजान बैठे थे। जब विद्यार्थी कक्षा में पहुंचे तो अपने शिक्षक को बेजान अवस्था में देख कर तुरंत वहां मौजूद शिक्षिका सुधा व सुनीता को इसकी सूचना दी। आनन फानन में वासुदेव को कैलहट स्थित नवजीवन अस्पताल लाया गया, लेकिन वहां चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बड़े भाई अखिलेश सिंह की तहरीर के आधार पर शव को पोस्टमार्टम के लिए

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मीरजापुर भेज दिया। चुनार के शुकुलपुरा के रहने वाले वासुदेव सिंह तीन भाइयों में सबसे छोटे थे और फत्तेपुर कंपोजिट विद्यालय पर सहायक अध्यापक के रूप में कार्यरत थे। बुधवार को उन्होंने बच्चों व साथी अध्यापकों के साथ स्कूल चलो अभियान रैली निकाली और उसके बाद उन्होंने एक घंटी पढ़ाया भी। इसके बाद वह कुर्सी पर बैठे तो उठ नहीं सके। उनकी अवस्था देखकर घबराए बच्चों ने इसकी सूचना विद्यालय में मौजूद शिक्षिकाओं को दी, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। बाद में जानकारी मिलने पर उनके घर वाले भी पहुंच गए थे। घटना की जानकारी होने पर घर वालों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया था। जानकारी के अनुसार वासुदेव का विवाह हुआ था, लेकिन आपसी विवाद के कारण पिछले करीब चार साल से दोनों पति-पत्नी अलग अलग रह रहे थे।
उनके सांथी अध्यापकों ने बताया कि इसको लेकर वह काफी तनाव में रहते थे। साथी अध्यापक के असामयिक निधन पर प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष प्रभु नारायण सिंह, धीरज सिंह, चंद्रशेखर सिंह श्रीप्रकाश सिंह आदि ने शोक व्यक्त किया है।