लखनऊ। राजधानी के दो बच्चों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ से किताबें, यूनिफॉर्म की धनराशि दिलाने की गुहार लगाई है।
कोर्ट ने मामले में 18 अक्तूबर को सरकारी वकील को सरकार से जानकारी लेकर पेश करने का आदेश दिया। न्यायमूर्ति आलोक माथुर की एकल पीठ के समक्ष शहर के रेनबो पब्लिक स्कूल के 12-14 साल के दो बच्चों ने अपने पिता के माध्यम से याचिका दाखिल कर कहा कि वे एक योजना के तहत हर साल किताबें और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए हर साल पांच-पांच हजार रुपये पाने के हकदार हैं।

- Old order : प्र०अ० को सरप्लस घोषित कर समायोजित करने पर मा० न्यायालय द्वारा अगली सुनवाई तक लगाई गई रोक, कोर्ट ऑर्डर देखें
- बेसिक में कहीं जूनियर शिक्षक का तबादला तो कहीं सीनियर का….. बड़े अफसर मौन
- सरप्लस सूची में नाम आने पर शिक्षक ने BSA को भेजा आपत्ति पत्र, जबरन समायोजन पर दें BSA को यह
- हेड/वरिष्ठ शिक्षक को सरप्लस दिखाने पर BSA को दें यह आपत्ति पत्र, समायोजन प्रक्रिया पर दें यह एप्लीकेशन
- LT ग्रेड मुख्य परीक्षा 2025: अंग्रेजी विषय की परीक्षा 17 मई को प्रयागराज में होगी आयोजित, आयोग ने जारी किए निर्देश
आठवीं और दसवीं कक्षा में पढ़ रहे इन बच्चों का कहना है कि उन्होंने इस धनराशि को पाने के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी लखनऊ को अर्जी दी थी। लेकिन, न तो उन्हें कोई जवाब मिला और न ही यह धनराशि दी गई। कहा कि उन्हें यह धनराशि वर्ष 2019 में मिली थी, इसके बाद नहीं दी गई। उधर, सरकारी वकील ने कहा कि बच्चों ने याचिका में ऐसी किसी मौजूदा योजना का जिक्र नहीं किया है। ऐसे में ऐसी किसी मौजूदा योजना की जानकारी लेने को समय देने की गुजारिश की।