फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी पाने वाले वाले 22 शिक्षकों से रिकवरी होगी। बर्खास्तगी के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने उनसे रिकवरी की प्रक्रिया तेज कर दी है
11 बर्खास्त शिक्षकों के वेतन का हिसाब मिल गया है। लेखा विभाग के मुताबिक 11 फर्जी शिक्षकों को 12 साल में बतौर वेतन करीब आठ करोड़ रूपये भुगतान किया गया। लेखा विभाग की ओर से बेसिक शिक्षा विभाग को रिपोर्ट सौंप दी गई है।

- स्कूल रेडीनस फेज-1 एंडलाइन आकलन 2026: कक्षा 1 शिक्षक 30 अप्रैल तक प्रेरणा ऐप पर DCF से करें मूल्यांकन, देखें यूजर मैन्युअल
- भीषण गर्मी के चलते स्कूल समय बदला, सुबह 7:30 से दोपहर 12:30 तक कक्षाएं
- स्थानांतरण वाले #शिक्षामित्र भाई बहनों के लिए कार्यभार ग्रहण प्रपत्र प्रारूप ✅✅🙏👇👇
- ब्रिज कोर्स _69K पंजीकरण की नई अंतिम तिथि 30 अप्रैल, 2026 की मध्यरात्रि तक बढ़ाई गई……. 🤔
- जनगणना-2027 के प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना हेतु नियुक्त प्रगणक / पर्यवेक्षकों में नियुक्त प्र०अ० / इं०प्र०अ० को जनगणना ड्यूटी से मुक्त करने के सम्बन्ध में
रिकवरी के लिए जल्द ही बेसिक शिक्षा विभाग फर्जी शिक्षकों के गृह जनपद के जिला प्रशासन को सूची सौंपेगा। इसमें सबसे अधिक जौनपुर, प्रयागराज, गाजीपुर के शिक्षक शामिल है। बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों का अनुमान है कि 22 फर्जी शिक्षकों को 12 साल में बतौर वेतन 15 करोड़ रूपये भुगतान किया गया है।
जिले में 885 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय संचालित हैं।
इसमें चार हजार से अधिक शिक्षक तैनात है। शासन स्तर से जरूरत के हिसाब से शिक्षकों की नियुक्ति की जाती है। एक दशक पूर्व नियुक्ति प्रक्रिया कागजों में ही चलती थी। पांच साल पूर्व से प्रेरणा पोर्टल पर सबकुछ ऑनलाइन होने पर फर्जी अभिलेख के सहारे नौकरी करने वाले शिक्षकों की पोल खुलने लगी।
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से लेकर अन्य विश्वविद्यालयों की डिग्री संदिग्ध मिली। सत्यापन होने पर दूसरे के अभिलेख पर नौकरी करते हुए 22 शिक्षक मिले। बेसिक शिक्षा विभाग ने सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर 2023 से लेकर मार्च 2025 तक 22 शिक्षकों को बर्खास्त किया।
2023 से लेकर 2024 तक बर्खास्त 11 शिक्षकों के वेतन की रिपोर्ट लेखा विभाग ने बेसिक शिक्षा विभाग को सौंप दिया है। फर्जी शिक्षकों की अन्य जानकारी जुटाई जा रही है।