लखनऊः प्रदेश में आउट आफ स्कूल करीब 68,913 बच्चों को दोबारा स्कूल से जोड़ने के लिए एक अगस्त से विशेष अभियान शुरू किया जाएगा। निर्माण कार्य, मजदूरी, अन्य काम या भीख मांगने जैसे कारणों से ये बच्चे स्कूलों से दूर हैं। विशेष प्रशिक्षण से इन्हें दोबारा स्कूल से जोड़ा जाएगा। राज्य परियोजना निदेशक ने इस संबंध में सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। यह अभियान अगले वर्ष 31 मार्च तक चलेगा।

समग्र शिक्षा अभियान के तहत यूनिसेफ के सहयोग से ‘शारदा पोर्टल’ विकसित किया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से सात से 14 वर्ष की आयु के उन बच्चों को चिह्नित किया जाता है जो पिछले 45 दिन से अधिक समय से बिना किसी सूचना के स्कूल नहीं आ रहे हैं। उन्हें आउट आफ स्कूल माना गया है। इन बच्चों को उनकी उम्र के अनुसार उचित कक्षा में दाखिला दिलाया जाएगा। इसके लिए उन्हें
स्कूल से छूटे हुए बच्चों को दिया जाएगा नौ माह के ब्रिज कोर्स के जरिये विशेष प्रशिक्षण
राज्य परियोजना निदेशक ने सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को दिया निर्देश
नौ माह का ब्रिज कोर्स का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे के नियमित कक्षा में पढ़ने के योग्य बन सकें। ऐसे बच्चों के प्रशिक्षण के लिए हर स्कूल में एक नोडल शिक्षक नामित किया जाएगा जो बच्चों के प्रशिक्षण और प्रबंधन का जिम्मा संभालेंगे। यदि किसी विद्यालय में पांच से कम बच्चे हैं, तो नोडल शिक्षक ही उन्हें पढ़ाएंगे। यदि संख्या पांच से अधिक होती है, तो स्कूल प्रबंधन समिति के माध्यम से विशेष प्रशिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। विशेष प्रशिक्षक सेवानिवृत्त शिक्षक या इच्छुक वालंटियर हो सकते हैं। उन्हें 4000 रुपये प्रति माह मानदेय मिलेगा। यह नियुक्ति अगले वर्ष 31 मार्च तक अस्थायी रहेगी।