जागरण संवाददाता हरदोई फर्जी अभिलेखों पर शिक्षिका 17 वर्ष नौकरी करती रही। शाहजहांपुर में तैनाती के बाद पदोन्नति पाकर हरदोई स्थानांतरण भी करा लिया, लेकिन एक आइजीआरएस शिकायत ने पूरी पोल खोल दी। फर्जी अभिलेख पर नौकरी करने के आरोप की जांच में अभिलेख फर्जी निकले और उसी के आधार पर बीएसए ने शिक्षिका को बर्खास्त कर दिया है। साथ ही विधिक कार्रवाई कर वेतन वसूली का भी आदेश दिया है।

बेसिक शिक्षा अधिकारी विजय प्रताप सिंह की ओर से बुधवार को जारी किए गए आदेश में विकास खंड भरखनी के जूनियर हाईस्कूल की सहायक अध्यापिका रोशन जहां पुत्री मुनीम निवासी ऊंचा टीला सांडी को बर्खास्त कर दिया। बीएसए ने बताया कि रोशन जहां की जनपद शाहजहांपुर के ब्लाक मिर्जापुर के प्राथमिक विद्यालय चितरऊ में 10 फरवरी 2009 को नियुक्ति हुई थी। इसके बाद 16 नवंबर 2011 को उनको पदोन्नति के बाद ब्लाक कांट के जूनियर हाईस्कूल भूड़िया में सहायक अध्यापक के रूप में तैनाती की गई थी। बेसिक शिक्षा सचिव के आदेश 28 जून 2023 के आधार पर रोशन जहां हरदोई स्थानांतरित होकर आईं और
जनपद शाहजहांपुर के मिर्जापुर के प्राथमिक विद्यालय चितरऊ में हुई थी पहली नियुक्ति
वर्ष 2023 से जनपद के भरखनी ब्लाक के जूनियर हाईस्कूल दौलतपुर में थी तैनात
विकास खंड भरखनी के जूनियर हाईस्कूल में 20 सितंबर 2023 शिक्षिका ने कार्यभार ग्रहण किया था था। तब से यहीं पर कार्य कर रहीं थीं। जनपद में तैनाती के बाद उनकी आईजीआरएस के माध्यम से शिकायत की गई थी कि उनके शैक्षिक अभिलेख फर्जी हैं, जिस पर बीईओ भरखनी से जांच कराई। बीएसए ने बताया कि विशेष वाहक भेजकर विश्वविद्यालय से शैक्षिक अभिलेखों का सत्यापन कराया गया। सत्यापन में परीक्षा नियंत्रक लखनऊ विश्व विद्यालय ने पत्र के माध्यम से अवगत कराया कि उनके यहां रोशन जहां ने स्नातक व बीएड की शिक्षा प्राप्त नहीं की है, जो अभिलेख है वह कूट रचित हैं। उसी के आधार पर सहायक अध्यापिका रोशन जहां को बर्खास्त कर विधिक कार्रवाई व रिकवरी के आदेश दिए गए हैं।