लखनऊ। प्रदेश में नर्सिंग एवं पैरामेडिकल के निजी क्षेत्र के नौ नए कॉलेजों को इस वर्ष मान्यता मिल गई है, जबकि 44 को प्रमाणपत्रों की कमी पूरा करने के लिए दो माह का वक्त दिया गया है। इन सभी कॉलेजों को निर्देशित किया गया है कि अनापत्ति प्रमाणपत्र जल्द से जल्द जमा कर दें तो उन्हें मान्यता की प्रक्रिया में शामिल कर लिया जाएगा।

प्रदेश में निजी क्षेत्र के करीब 350 नर्सिंग एवं पैरामेडिकल कॉलेजों ने स्नातक स्तरीय पाठ्यक्रम संचालन की मान्यता और सीट बढ़ाने के लिए आवेदन किया था। क्वालिटी कौंसिल ऑफ इंडिया (क्यूसीआई) की टीम ने निरीक्षण
प्रमाणपत्रों के अभाव में फंसे कॉलेजों को मिलेगा एक मौका
शासन के निर्देश पर संबंधित कॉलेजों को सूचना भेज दी गई है। जिनकी एनओसी नहीं मिल पाई थी, उन्हें एक मौका दिया जा रहा है। निर्धारित समय में एनओसी जमा कर देने वाले कॉलेजों का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
– डॉ. अनुराग श्रीवास्तव, सचिव, यूपी स्टेट मेडिकल फैकल्टी
किया। जिन कॉलेजों में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त पाई गई हैं, उन्हें मान्यता दे दी गई है। इसमें बीएससी नर्सिंग के चार कॉलेजों को मान्यता दी गई है। इसी तरह दो कॉलजों में सीटें बढ़ाने, दो में जीएनएम और
एक में एमएससी नर्सिंग की मान्यता दी गई है।
क्यूसीआई के निरीक्षण के दौरान बीएससी नर्सिंग के 18, पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग के नौ, एमएससी नर्सिंग के चार, डिग्री पैरामेडिकल के 13 कॉलेजों में हॉस्टल ब्लॉक, अध्यापक ब्लॉक, अस्पताल सहित अन्य सुविधाएं दुरुस्त पाई गई हैं, लेकिन ये कॉलेज अग्निशमन, पर्यावरण, सीएमओ आदि के अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) उपलब्ध नहीं करा पाए।
अब शासन की ओर से इन कॉलेजों को एक और मौका देने का फैसला लिया गया है। जो कॉलेज सभी तरह की एनओसी दे देते हैं, उनकी मान्यता के संबंध में नए सिरे से शासन को प्रस्ताव भेजा जाए।